फोटो: लखनऊ मेट्रो के भूमि पूजन के बाद सभा को संबोधित करते सीएम अखिलेश।
लखनऊ. लखनऊ में मेट्रो प्रोजेक्ट के भूमि पूजन के साथ ही विवादों का सिलसिला शुरू हो गया है। मेट्रो के पहले सेक्शन का काम एलएंडटी को सौंपा गया है। इसी कंपनी को 6 दिन पहले मुरादाबाद में हुए सीवर हादसे का जिम्मेदार माना गया था। इस हादसे में तीन लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। इससे पहले जून में सीएम अखिलेश ने राजधानी में बन रहे रिवरव्यू अपार्टमेंट के औचक निरीक्षण के दौरान भी एलएंडटी के कामकाज पर नाराजगी जता चुके हैं।
शनिवार को मेट्रो के निर्माणकार्य का जिम्मा एलएंडटी को सौंपे जाने से सभी को हैरानी हुई। इसके अलावा देश में कई जगहों पर जहां एलएंडटी निर्माणकार्य करा रहा है। वहां, धांधली की बात सामने आई हैं। इन मामलों में कई जगह कंपनी के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ है। हैरानी वाली बात यह रही कि सीएम अखिलेश यादव और नगर विकास मंत्री आजम खां की मौजूदगी में ही एलएंडटी द्वारा लखनऊ मेट्रो का निर्माण कराए जाने की घोषणा हुई।
आजम खां ने की थी कारर्वाई की सिफारिश
मुरादाबाद में बीते 20 सितंबर को रात आठ बजे एक महिला बारिश में अपने घर लौट रही थी। जब वह इंदिरा चौक पर पहुंची तो सीवर के लिए खोदे गए गड्ढे में गिर पड़ी। तेज बारिश के कारण सीवर के गड्ढे में का पानी भरा हुआ था, इससे उसे गड्ढा दिखाई नहीं दिया। महिला को बचाने के चक्कर में दो अन्य युवक भी डूब गए। पहले जिला प्रशासन ने इस घटना को महज अफवाह बताया था।
बाद में नागरिकों के दबाव के चलते सेना के जवान बुलाए गए। इसके बाद गड्ढे से तीन लाशें बरामद कीं। घटना की जांच में पाया गया कि गड्ढे के पास खतरे का कोई साइनबोर्ड नहीं लगा था और इस काम को करने वाली कंपनी एलएंडटी ने वहां कोई गार्ड भी तैनात नहीं किया था। इसके अलावा जांच में यह भी पाया गया कि एलएंडटी ने इस निर्माण कार्य के दौरान एक भी मानक पूरा नहीं किया था। जांच के बाद पाए गए तथ्यों से नाराज नगर विकास मंत्री आजम खान ने कमिश्नर को एलएंडटी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया था।
आगे पढ़िए, इस घटना के बाद आजम खां ने मुरादाबाद की पूरी जल निगम की यूनिट को कर दिया था सस्पेंड...