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लखनऊ. राजधानी में मेट्रो परियोजना शुरू होने से पहले ही मुसीबतों के बादल मंडराते नजर आ रहे हैं। दिल्ली मेट्रो की एयरपोर्ट लाइन बंद होने के मामले में लखनऊ मेट्रो के नए एमडी कुमार केशव एक बार फिर घिरते नजर आ रहे हैं। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने इस मामले में कुमार केशव को दोषी मानते हुए दिल्ली मेट्रो को एक चिट्ठी लिखी है। इसकी एक कॉपी यूपी सरकार को भी भेजी गई है। सरकार के एक अधिकारी ने चिट्ठी मिलने की पुष्टि करते हुए कहा है कि वह एक सूचना के तौर पर मिला है।
बताते चलें कि बीते वर्ष अप्रैल में एयरपोर्ट मेट्रो लाइन बंद होने पर बनाई गई जांच कमेटी ने दिल्ली मेट्रो के शीर्ष अधिकारियों को ही इसके लिए जिम्मेदार ठहराया था। दो सदस्यीय जांच समिति ने केंद्रीय शहरी विकास सचिव को अपनी रिपोर्ट सौंपी दी थी। दो वॉल्यूम और सप्लीमेंट नोट के साथ जमा की गई रिपोर्ट में कहा गया था कि लाइन का बिना मुआयना किए ही उसे कंप्लीशन सर्टिफिकेट (समापन प्रमाणपत्र) दे दिया गया था। रिपोर्ट ने इस लापरवाही के लिए ठेकेदारों के साथ-साथ दिल्ली मेट्रो को भी जिम्मेदार ठहराया था।
कुमार केशव भी ठहराए गए थे दोषी
रिपोर्ट में कहा गया है कि डीएमआरसी का शीर्ष प्रबंधन जिसमें प्रबंध निदेशक मंगू सिंह (तत्कालीन निदेशक वर्क्स), कुमार केशव (तत्कालीन डायरेक्टर प्रोजेक्ट) और आरएन जोशी (तत्कालीन डायरेक्टर फाइनेंस) भी लाइन में डिफेक्ट की निगरानी रखने और पूरे मामले पर नियंत्रण रखने के मामले में अनदेखी करने के लिए जिम्मेदार हैं। रिपोर्ट में कहा गया था कि मंत्रालय इन सभी के खिलाफ जो भी उचित समझे कार्रवाई कर सकती है।
डायरेक्टर वर्क्स पद से दे दिया था इस्तीफा
इसके बाद कुमार केशव ने डायरेक्टर वर्क्स पद से इस्तीफा दे दिया था। डीएमआरसी छोड़ने के बाद में कुमार केशव ऑस्ट्रेलिया जाकर बस गए थे। कुमार केशव एलएमआरसी के प्रमुख सलाहकार ई. श्रीधरन के खास लोगों में से एक माने जाते हैं। वह आईआईटी कानपुर के बीटेक ग्रेजुएट हैं।
आगे पढ़िए रिपोर्ट में लगाया था लापरवाही बरतने का आरोप…