फोटोः चन्दर नगर मार्केट में कुछ इस तरह लगती हैं दुकानें।
लखनऊ. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट मेट्रो की रफ्तार धीमा होने की चर्चाएं जोरों पर हैं, लेकिन यदि पुलिस प्रशासन ने तत्परता दिखाई, तो पहले चरण में अमौसी एयरपोर्ट से चारबाग तक का मेट्रो का काम सही समय पर पूरा हो जाएगा। ऐसा इसलिए है, क्योंकि आलमबाग में व्यापारियों का गतिरोध प्रोजेक्ट के काम में अभी तक सबसे बड़ी समस्या बनकर उभर रह है।
दरअसल मेट्रो का काम जैसे-जैसे कानपुर रोड से आलमबाग की ओर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे अड़चनें आनी शुरू हो गई हैं। एक ओर जहां लखनऊ मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (एलएमआरसी) जगह की कमी और जाम की वजह से अवध हॉस्पिटल चौराहे से चारबाग तक के इलाके को नो पार्किंग जोन बनाने की मांग कर रहा है। वहीं, आलमबाग के व्यापारियों ने इसके विरोध की तैयारी शुरू कर दी है। उनकी दलील है कि यदि गाड़ी पार्क करने की जगह नहीं मिली, तो ग्राहक नहीं आएंगे और उनकी दुकानदारी प्रभावित होगी।
इसी गतिरोध के बीच पुलिस-प्रशासन व्यापारियों और एलएमआरसी के बीच शुरू हुए इस गतिरोध पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। dainikbhaskar.com की टीम ने मेट्रो रूट के उस हिस्से का मुआयना किया और लोगों से वहां की परेशानियों और उनके संभावित विकल्प तलाशने की कोशिश की, तो हकीकत उभर कर सामने आ गई। ग्राउंड पर गई टीम की पड़ताल में यह भी निकल कर आया है कि यदि पुलिस प्रशासन मजबूत इच्छा शक्ति दिखाए, तो यह गतिरोध ख़त्म हो जाएगा।
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