तस्वीर में: बस अड्डे पर हंगामा करते संविदाकर्मी।
लखनऊ. परिवहन विभाग की बसों में बिना टिकट यात्री के पकड़े जाने पर संविदा कर्मी की बर्खास्तगी के फैसले के खिलाफ शनिवार को संविदा कर्मियों का गुसा फूट पड़ा। राजधानी के कैसरबाग, आलमबाग और चारबाग बस अड्डे पर जमकर हंगामा किया। करीब छह घंटे के लिए राजधानी से चलने और होकर जाने वाली किसी भी बस का संचालन नहीं होने दिया। इसकी वजह से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। शाम छह बजे अधिकारियों और संविदा कर्मियों के बीच सोमवार तक आदेश में बदलाव कराने को लेकर समझौता हो गया।
बताते चलें कि कुछ समय पहले ही परिवहन निगम की बोर्ड बैठक में विभाग में बढ़ते भ्रष्टाचार को रोकने को लेकर चर्चा हुई थी। इसके बाद निर्णय लिया गया कि विभाग की औचक निरीक्षण करने वाली टीम को यदि एक भी यात्री बिना टिकट मिला तो संबंधित बस के संविदा कर्मी को बर्खास्त कर दिया जाएगा। बोर्ड के इस निर्णय के बाद से संविदा कर्मियों में नाराजगी थी।
लखनऊ और आजमगढ़ में छप रहा संचालन
शनिवार को संविदा कर्मियों के नेताओं ने इसी आदेश के विरोध में हड़ताल की घोषणा कर दी। राज्य के दूसरे हिस्सों में तो हड़ताल की घोषणा का असर नहीं हुआ, लेकिन लखनऊ और आजमगढ़ में परिवहन बसों का संचालन पूरी तरह ठप हो गया। चारबाग, आलमबाग और कैसरबाग बस अड्डों पर संविदा कर्मियों ने जमकर हंगामा किया।
आश्वासन के बाद शुरू हुआ संचालन
मुख्यालय में शनिवार की छुट्टी के चलते संविदा कर्मियों से बातचीत करने के लिए आरएम एके सिंह पहुंचे, लेकिन ये लोग सुनने को तैयार नहीं हुए। शाम तक हालात जस के तस बने रहे। प्रबंधन की सख्ती के बाद हड़ताल खत्म हुई। आरएम ने बताया कि आदेश को लेकर अधिकारियों से चर्चा हुई है, लेकिन सोमवार से पहले कोई नया आदेश जारी नहीं हो सकता। इसपर संविदा कर्मियों ने सोमवार तक आदेश ना आने पर दोबारा हड़ताल करने की बात कही। इसके बाद बसों का संचालन शुरू कर दिया गया।
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