लखनऊ. वर्ष 2010 के बाद 2015 में प्रस्तावित बीएड प्रवेश परीक्षा की जिम्मेदारी एक बार फिर लखनऊ विश्वविद्यालय को शासन की तरफ से सौंपी गई है। बुधवार को इसकी जिम्मेदारी मिलने की पुष्टि विवि प्रशासन ने कर दी है। राज्य स्तरीय संयुक्त प्रवेश परीक्षा के लिए शासन की तरफ से नोडल अधिकारी और राज्य समन्वयक की जिम्मेदारी विवि के कुलसचिव को सौंपी गई है। इसके पूर्व 2014 में राज्य स्तरीय बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा की जिम्मेदारी बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी झांसी को सौंपी गई थी।
प्रवेश परीक्षा कराने संबंधी आदेश की जानकारी देते हुए विवि के कुलसचिव देवेंद्र पांडेय ने बताया कि परीक्षा के आयोजन को लेकर विवि की तरफ से तैयारियां समय पर शुरू कर दी जाएंगी। प्रवेश परीक्षा की शुचिता को लेकर कोई भी कदम पीछे नहीं रखा जाएगा। जल्द ही इस बाबत सभी बीएड कॉलेजों की सूची मंगाकर कदम उठाया जाएगा।
2010 की बीएड प्रवेश परीक्षा में हो चुका है पेपर लीक
वर्ष 2010 में बीएड प्रवेश परीक्षा आयोजित कराने की जिम्मेदारी लखनऊ विश्वविद्यालय को मिली थी। इस दौरान फर्रूखाबाद जिले में पेपर लीक हाने की शिकायत पर मोहम्मदाबाद कस्बे से एक फोटो कॉपी की दुकान में छापेमारी कर चार लोगों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों के पास से प्रश्न-पत्रों की 600 प्रतियां, 11,500 रुपए नकद, एक कम्प्यूटर, एक स्कैनर और दो फोटो कॉपी मशीनें बरामद हुईं थीं। इसके बाद शासन स्तर पर हुई जांच में प्रिटिंग प्रेस से पेपर लीक होने की बात सामने आई थी।
सर्वर की समस्या दूर करना जरूरी
हर साल बीएड प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू होने से लेकर काउंसिलिंग तक सर्वर की समस्या बनी रहती है। पिछले साल भी बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी की निगरानी में आयोजित हुई परीक्षा में शुरू से ही यह समस्या कायम थी। हालांकि, इस बार लखनऊ विश्वविद्यालय के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती सर्वर को सही रखना है। इस बारे में विवि के कुलसचिव का कहना है कि इस बाबत एनआईसी से बात की जाएगी।
लखनऊ यूनिवर्सिटी की फाइल फोटो।