लखनऊ. समाजवादी पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने राम मदिर मुद्दे को हवा दे दी है। शुक्रवार को उन्होंने कहा कि भाजपा पर कतई विश्वास नहीं किया जा सकता है। उसने मंदिर बनाने का संकल्प लिया था लेकिन उसकी मंशा कभी मंदिर बनाने की नहीं रही, वह तो इसे मुद्दा बनाए रखना चाहती है।
दिल्ली में अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री बने, उत्तर प्रदेश में कल्याण सिंह मुख्यमंत्री रहे तब भी मंदिर निर्माण के लिए कुछ नहीं किया गया। दावा करते हुए उन्होंने कहा कि 'मैंने 17 एकड़ जमीन बाहरी क्षेत्र में देने का प्रस्ताव किया था जिसे नहीं माना गया।'
उन्होंने कहा कि 4 दिसम्बर 1992 को राष्ट्रपति से मिलकर कहा था कि बाबरी मस्जिद तोड़ दी जाएगी। प्रधानमंत्री नरसिंह राव ने भी माना था कि उन्हें भाजपा के नेताओं ने धोखा दिया था। अब मामला न्यायालय में है उसके निर्णय का इंतजार करें। भाजपाई तो हिटलर के प्रचार मंत्री गोएबल्स के अनुयायी हैं जो कहता था कि सौ बार झूठ बोलने पर बात सच हो जाती है। नरेंन्द्र मोदी उसी रास्ते पर चल रहे हैं।
मुलायम सिंह यादव शुक्रवार को सपा मुख्यालय पर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी नेता कर्पूरी ठाकुर के 93वें जन्मदिवस पर आयोजित कार्यक्रम में आए जनसमूह को सम्बोधित कर रहे थे। इस मौके पर अखिलेश यादव, लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव, कारागार मंत्री राजेन्द्र चौधरी, पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह, खनिज मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति, पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष राम आसरे विश्वकर्मा आदि मौजूद थे।
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