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BIG B का ये फैन है कार्ड्स का जादूगर, पत्तों से दिखता है ऐसे कारनामें

यूपी के इलाहाबाद के एक 20 साल के लड़के ने ताश पत्तों से कभी पिरामिड, मक्का-मदीना, शिवलिंग जैसी आकृतियां बनाई। बिना ग्लू का यूज किए कार्ड्स से 6 मंजिला बिल्डिंग बनाई और 24 घंटे उसपर पानी से भरी बाल्टी रख दी।

Dainik Bhaskar

May 14, 2017, 04:55 PM IST
20 साल का निशांत बिना ग्लू का यूज किए कार्ड्स से तरह-तरह की आकृति बनता है।(बाएं तरफ निशांत) 20 साल का निशांत बिना ग्लू का यूज किए कार्ड्स से तरह-तरह की आकृति बनता है।(बाएं तरफ निशांत)
लखनऊ. कहते हैं ताश के पत्तों से जिंदगी बर्बाद होती है, लेकिन यूपी के इलाहाबाद के एक 20 साल के लड़के ने इसे गलत साबित कर दिया। ताश पत्तों से कभी पिरामिड, मक्का-मदीना, शिवलिंग जैसी आकृतियां बनाता है। अभी हाल ही में इसने एक वीडियो अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट किया, जिसमे बिना ग्लू का यूज किए कार्ड्स से 6 मंजिला बिल्डिंग बनाई और 24 घंटे उसपर पानी से भरी बाल्टी रख दी। इसके बावजूद वो नहीं गिरा। इसको 3 हजार से ज्यादा लोग पसंद कर चुके हैं। नाइंथ क्लास से की थी शुरुआत...
- बीएससी थर्ड इयर कम्पलीट कर चुके निशांत इंदु झा(20) इलाहाबाद में मां-पिता और तीन भाई, एक बहन के साथ रहते हैं।
- निशांत का कहना है, 'अमिताभ बच्चन का फैन हूं, जब के बार नाइंथ क्लास में उनकी एक मूवी में उन्हें कार्ड्स से प्ले करते देखा था, तबभी मेरे मन में भी ख्याल आया। पहले नॉर्मली पिरामिड बनाता था, लेकिन बाद में मैंने अलग-अलग तरह से क्रिएटिविटी करने की सोची। मेरा लक्ष्य था कि मैं ताश के पत्तों पर ज्यादा से ज्यादा भार रख सकूं। अगले महीने मैं एमएससी में एडमिशन लूंग।इससे और भी बेहतर एक्सपेरिमेंट्स करना चाहते हैं।'
मक्का-मदीना भी बनाया तो शिवलिंग भी बना चुके हैं
- निशांत ने बताया कि वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के उद्देश्य से 1500 ताश के पत्तों से मक्का-मदीना बनाया। फिर शिवलिंग बनाया, जिसमें 2500 कार्ड का इस्तेमाल किया।
- इसके बाद रिओ ओलंपिक्स के दौरान 5000 कार्ड के जरिए स्टेडियम बनाया था। अभी हाल ही ढाई घंटे में 6 मंजिला बिल्डिंग बनाई है, जिसमें करीब कार्ड्स का यूज किया है।
- साथ ही इसपर बैठकर रिकॉर्ड दर्ज करवाने के लिए लिम्का बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में एप्लाई किया है। इसके अलावा वंडर ऑफ इंडिया और मार्वलस इंडिया में उनका नाम आ चूका है।
आगे की स्लाइड्स में देखिए 4 फोटोज...
कार्ड्स की 6 मंजिला बिल्डिंग पर 24 घंटे पानी से भरी बाल्टी रख दी। कार्ड्स की 6 मंजिला बिल्डिंग पर 24 घंटे पानी से भरी बाल्टी रख दी।
निशांत का कहना है, नाइंथ क्लास में एक बार अमिताभ बच्चन की मूवी में उन्हें कार्ड्स से प्ले करते देखा था, तो ऐसा आईडिया आया। निशांत का कहना है, नाइंथ क्लास में एक बार अमिताभ बच्चन की मूवी में उन्हें कार्ड्स से प्ले करते देखा था, तो ऐसा आईडिया आया।
कभी पिरामिड, मक्का-मदीना, शिवलिंग जैसी आकृतियां बनाता है। कभी पिरामिड, मक्का-मदीना, शिवलिंग जैसी आकृतियां बनाता है।
निशांत के मुताबिक, इसे बनाने में अमूमन ढाई घंटे लगते हैं। निशांत के मुताबिक, इसे बनाने में अमूमन ढाई घंटे लगते हैं।
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20 साल का निशांत बिना ग्लू का यूज किए कार्ड्स से तरह-तरह की आकृति बनता है।(बाएं तरफ निशांत)20 साल का निशांत बिना ग्लू का यूज किए कार्ड्स से तरह-तरह की आकृति बनता है।(बाएं तरफ निशांत)
कार्ड्स की 6 मंजिला बिल्डिंग पर 24 घंटे पानी से भरी बाल्टी रख दी।कार्ड्स की 6 मंजिला बिल्डिंग पर 24 घंटे पानी से भरी बाल्टी रख दी।
निशांत का कहना है, नाइंथ क्लास में एक बार अमिताभ बच्चन की मूवी में उन्हें कार्ड्स से प्ले करते देखा था, तो ऐसा आईडिया आया।निशांत का कहना है, नाइंथ क्लास में एक बार अमिताभ बच्चन की मूवी में उन्हें कार्ड्स से प्ले करते देखा था, तो ऐसा आईडिया आया।
कभी पिरामिड, मक्का-मदीना, शिवलिंग जैसी आकृतियां बनाता है।कभी पिरामिड, मक्का-मदीना, शिवलिंग जैसी आकृतियां बनाता है।
निशांत के मुताबिक, इसे बनाने में अमूमन ढाई घंटे लगते हैं।निशांत के मुताबिक, इसे बनाने में अमूमन ढाई घंटे लगते हैं।
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