फोटो: खेत में मिले बंदरों के शव।
लखनऊ/हरदोई. नवरात्रि के दौरान हरदोई के एक गांव में 42 बंदरों के एक साथ मरने का मामला सामने आया है। खेत में बंदरों के शव पड़े होने की सूचना वन विभाग को दी गई। आनन-फानन में वन मिभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसकी जानकारी मिलते ही पुलिस भी हरकत में आ गई। पुलिस ने बंदरों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं, एक साथ 42 बंदरों की मौत कैसे हुई, इस पर वन विभाग के अधिकारी साफ-साफ कुछ भी नहीं बता सके। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। बंदरों के शरीर के अंदरूनी अंगों को लखनऊ फॉरेंसिक लेबोरेटरी में भेज दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, घटना लोनार थाने के ज्ञान पुरवा गांव की है। यह गांव नसयोली और शकरौली इलाके के बीच पड़ता है। यहां के निवासी बाबूराम के खेत में 42 बंदर मरे पड़े थे। कुछ बंदर बोरे में लिपटे हुए थे। वहां मौजूद लोगों ने इसकी सूचना तुरंत वन विभाग के साथ-साथ पुलिस को दी। हालांकि, सूचना दिए जाने के काफी देर बाद पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पहले तो बंदरों को खेत में ही दफनाने का फैसला लिया गया। बाद में मीडिया के दबाव के चलते पुलिस ने उन्हें पोस्टमार्टम कराने के लिए भेजा।
जांच के लिए बिसरे को लखनऊ भेजने की तैयारी
डॉ. अनिल के अनुसार, बंदरों की मौत किस कारण से हुई, यह फिलहाल साफ नहीं हो सका है। हालांकि, उन्होंने जहर से मौत की आशंका जताई है। उनका कहना था कि बंदरों को किसी दूसरे जगह जहर दिया गया होगा, बाद में उनकी लाश को बोरे में भरकर यहां फेंक दिया गया होगा।
गांव में काफी संख्या में हैं बंदर
जहां इन बंदरों के शव पाए गए हैं, उससे करीब पांच किलोमीटर दूर के इलाकों में बंदरों की काफी बड़ी संख्या है। वहां कोई ऐसी घटना सामने नहीं आई है। ऐसे में लोग यह सोचने को मजबूर हैं कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में बंदरों की मौत क्यों और कैसे हुई।
आगे देखिए, खेत में मिले बंदरों के शव की कुछ अन्य तस्वीरें...