लखनऊ. लखनऊ में एक मां ने डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए गए अपने 24 साल के बेटे की दोनों किडनियां दान कर दी। दरअसल, बीते शनिवार को बाराबंकी में एक युवक का एक्सीडेंट हो गया था। उसे गंभीर हालत में किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में भर्ती कराया गया था। सिर पर गंभीर चोट होने की वजह से डॉक्टरों ने उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया था। इसके बाद किडनी ट्रांसप्लांट के लिए काउंसलरों की टीम ने इलाज करा रही उसकी मां को राजी किया।
मां की रजामंदी मिलने के बाद किडनी ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया को शुरू की गई। शाम चार बजे डॉक्टरों की टीम युवक की दोनों किडनी लेकर केजीएमयू से संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (पीजीआई) पहुंच गईं। पीजीआई के निदेशक और यूरोलॉजी विभाग प्रमुख प्रोफेसर राकेश कपूर ने बताया कि दोनों किडनियां कानपुर के मयंक अवस्थी (30) और बाराबंकी के अजिजुल हसन (35) को ट्रांसप्लांट की गई हैं।
उन्होंने बताया कि दोनों मरीजों किडनी ट्रांसप्लांट की जानकारी मिलते ही ऑपरेशन के लिए ऑपरेशन थिएटर (ओटी) में तैयारी पूरी कर ली गई थी। किडनियां आते ही ट्रांसप्लांट के लिए सर्जरी शुरू की गई। देर शाम तक सफलतापूर्वक ट्रांसप्लांट कर दिया गया है। दोनों ही मरीजों को सीसीयू में डॉक्टरों की देख रेख में रखा गया है। भविष्य में केजीएमयू और पीजीआई के मध्य कैडेबर ट्रांसप्लांट को बढ़ावा दिया जाएगा।
दो दिन पहले हुआ था एक्सीडेंट
दो दिन पहले बीते शनिवार को बाराबंकी निवासी ब्रजेश शुक्ल का बाराबंकी में एक्सीडेंट हो गया था। एक्सीडेंट में बुरी तरह से घायल होने के बाद इलाज के लिए उन्हें केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में लाया गया था। वहां पर इलाज के दौरान ब्रजेश को वेंटीलेटर पर रखा गया था, लेकिन सिर में गंभीर चोट होने की वजह से उसे बचाया नहीं जा सका। डॉक्टरों ने उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया।
कैडेबर काउंसलरों ने किया मां को तैयार
रविवार को ही डॉक्टरों ने ब्रेन डेथ की संभावना बता दी थी। इसके बाद कैडेबर ट्रांसप्लांट के लिए काउंसलरों की टीम ने घरवालों से संपर्क किया। वहां पर पता चला कि मरीज ब्रजेश के पिता का देहांत हो चुका है। मां उसका इलाज करा रही हैं। काउंसलर ने मां को ब्रजेश की सच्ची हालत से अवगत कराया और बताया कि उसका जीवन बचना संभव नहीं है। इसके चलते मां ने किडनी ट्रांसप्लांट के लिए हामी भर दी।
प्रतीकात्मक तस्वीर।