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कैंसर के सफाए में कारगर है नैनो टेक्‍नोलॉजी- डॉ. राबर्ट

7 वर्ष पहले
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लखनऊ. कैंसर जैसे असाध्‍य रोगों के सफाए में नैनो टेक्‍नोलॉजी की भूमि‍का हम होती है। नैना पार्टि‍कल्‍स इतने छोटे होते हैं कि कैंसर प्रभावि‍त सेल पर वे सीधे असर डालते हैं। इ‍सके चलते नि‍ष्‍क्रि‍य सेल धीरे-धीरे सक्रि‍य होने लगते हैं। इलाज के दौरान नैनो पार्टि‍कल्‍स संबधि‍त सेल का तापमान दस डि‍ग्री तक बढ़ा देते हैं। इससे कैंसर जैसे रोग स्‍वत: ही समाप्‍त होने लगते हैं। यह जानकारी एसजीपीजीआई के 34वें दीक्षांत समारोह के एक दि‍न पहले शनि‍वार को नोबेल पुरस्‍कार से सम्‍मानि‍त राईस यूनि‍वर्सि‍टी के डॉ. राबर्ट एफ कुर्ल जूनि‍यर ने दी है।
स्‍थापना दि‍वस से एक दि‍न पहले आयोजि‍त लेक्‍चर में 'नैनो टेक्‍नोलॉजी इन मेडि‍सि‍न' वि‍षय पर बोलते हुए डॉ राबर्ट ने कहा कि नैनो पार्टि‍कल्‍स के अस्‍ति‍त्‍व में आने के बाद चि‍कि‍त्‍सा क्षेत्र में अभूतपूर्व परि‍वर्तन हुए हैं। इस टेक्‍नोलॉजी के माध्‍यम से आम जनता को कारगर और सस्‍ता इलाज मि‍ल रहा है। एक मिलीमीटर के 10 लाखवां भाग यानि नैनो पार्टि‍कल्‍स की उपयोगिता बताते हुए डॉ.राबर्ट ने बताया कि नैनो पार्टिकल कि‍सी भी पदार्थ, तत्व, दवा या रसायन का सबसे छोटा भाग होता है।

यही कारण है कि नैनो पार्टिकल बीमारी में कि‍सी सेल के अत्‍यंत छोटे भाग को अपना टारगेट बनाता है। उन्‍होंने बताया कि इसके साथ दी जाने वाले दवाएं सेल की उत्‍तपति की दि‍शा में कार्य करती हैं। उन्‍होंने बताया कि अभी इसके और सस्‍ते इलाज उपलब्‍ध कराने की दि‍शा में रि‍सर्च चल रहा है। बहुत जल्‍द ही इसके टारगेटेड मेडि‍सि‍न यानि कैप्‍सूल और इंजेक्‍शन के रूप में लोगों को दवाएं उपलब्‍ध होंगी।

महज 20 सेकेंड में होगी मलेरिया की जांच

डॉ. राबर्ट ने बताया कि नैनो इनोवेसिव रेपिड एक ऐसी तकनीक है जो मलेरिया के उपचार में खासी सहायक है। इसके द्वारा रक्त का नमूना लिए जाने के 20 सेकेंड के भीतर ही मलेरिया की जांच संभव हो जाती है। भारतीय परिपेक्ष में यह बेहद कारगर सिद्ध हो सकती है। हालांकि, वर्तमान में यह जांच महंगी है, लेकिन भविष्य में इसका रोगियों को लाभ मिलेगा। इससे पहले पीजीआई के डीन प्रो. आरएन मिश्र ने डॉ. कुर्ल द्वारा किए गए शोध कार्य के बारे में बताया।
पीजीआई के निदेशक प्रो. राकेश कपूर ने भी उनके योगदान को अतुलनीय कहा। साथ ही दीप प्रज्वलन व सरस्वती वंदना भी हुई। इस मौके पर न्यूरो विभागाध्यक्ष प्रो. यूके मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के शिक्षक, फैकल्टी स्टॉफ और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
फोटो: एसजीपीजीआई में आयोजित कार्यक्रम में बोलते डॉ. राबर्ट।