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फ्रांस, ब्रिटेन और म्यान्मार के प्रतिनिधि ने जानी यूपी पुलिस की कार्यशैली

7 वर्ष पहले
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लखनऊ. राजधानी में नेशनल डिफेंस कॉलेज के प्रतिनिधि मंडल ने यूपी पुलिस का पूरा लेखाजोखा लिया। दरअसल, नेशनल डिफेंस कॉलेज द्वारा संचालित पुलिस प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत नेशनल सिक्योरिटी एंड स्ट्रैटिजिक स्टडीज़ से संबंधित अध्ययन दल के साथ गृह विभाग, कमांड सेंटर एनेक्सी में एक उच्चस्तरीय बैठक हुई। इसका नेतृत्व वाइस एडमिरल सुनील लॉबा कर रहे थे। 17 सदस्यों के इस दल में फ्रांस, ब्रिटेन एवं म्यान्मार के अधिकारीगण मौजूद थे। सूत्रों की माने तो यह दल 27 से 31 जनवरी तक प्रदेश के कई इलाकों का भ्रमण करेगी।
इस बैठक में कई महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर चर्चा की गई, जिसमें अध्ययन दल के प्रतिनिधियों को प्रदेश पुलिस बल की संगठनात्मक संरचना, रैंकवार पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों का विवरण के साथ पुलिस बल की क्षमता को बढ़ाने के प्रयासों की विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें पुलिस बल की कमी को पूरा करने के लिए भविष्य की भर्ती एवं प्रशिक्षण की योजना से भी अगवत कराया गया।
पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से प्रदेश पुलिस द्वारा कानून व्यवस्था की बेहतरी व अपराध स्थिति पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से प्रदेश सरकार व पुलिस द्वारा किए जाने वाले प्रयासों पर अध्ययन दल को विस्तार से बताया गया। प्रदेश में सी.सी.टी.एन.एस. योजना के बारे में पुलिस महानिरीक्षक कानून-व्यवस्था ए के सेंगर ने बताया। साथ ही कहा कि प्रदेश के तीन जिले गाजीपुर, लखनऊ व मुरादाबाद इस योजना में पायलट प्रोजेक्ट के तहत चयनित किए गए है। इसके अलावा अध्ययन दल को प्रदेश में चल रही डायल 100 व्यवस्था को और अधिक अत्याधुनिक स्वरुप दिए जाने के संबंध में पूरी जानकारी दी गई। कानपुर में शुरू किए गए अत्याधुनिक कंट्रोल रुम के विषय में विस्तार से जानकारी दी गई तथा बताया गया कि गाजियाबाद, लखनऊ व इलाहाबाद में भी इसी प्रकार अत्याधुनिक कंट्रोल रुम बनाए जाने का काम चल रहा है।
भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था, एसएसबी की तैनाती और चेकपोस्ट के उपायों की भी विस्तार से जानकारी दी गई। महिलाओं को अश्लील एसएमएस, एमएमएस और फेक काल्स से होने वाली परेशानी से राहत दिलाने हेतु प्रदेश में 15 नवम्बर 2012 से शुरु की गयी वूमेन पावर लाइन 1090 योजना में 31 दिसम्बर, 2013 तक हुई प्रगति का भी ब्यौरा दिया गया।
शान्ति व्यवस्था और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर करने के उद्देश्य से प्रदेश के बड़े महानगरों व अन्य जिलों में सी.सी.टी.वी. कैमरा उपलब्ध कराये जाने पर विस्तार से जानकारी दी गई। पुलिस आधुनिकीकरण योजना के तहत किए जा रहे कार्यों की भी जानकारी दी गई तथा इससे संबंधित बजट पर भी चर्चा हुई। उच्चतम न्यायालय द्वारा पुलिस सुधार हेतु दिए गए दिशा-निर्देशों के क्रम में हुई प्रगति से अवगत कराया गया। यूपी कौशल विकास मिशन के योजना का सम्पूर्ण विवरण पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से दिया गया।