लखनऊ. यूपी में एक बार फिर से प्रमुख सचिव गृह की तलाश शुरू हो गई है, क्योंकि इस पद पर रहे नीरज गुप्ता को शुक्रवार को रिलीव कर दिया गया है। अब वह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) पर केंद्र में अपर सचिव लोक उद्यम के पद पर ज्वाइन करेंगे। अखिलेश सरकार के सत्ता में आने के बाद यह कोई पहला मौका नहीं है जब कोई प्रमुख सचिव गृह अपना पद छोड़ कर गया हो। इनके ढाई साल के कार्यकाल में कई प्रमुख सचिव गृह बदल चुके हैं।
बताते चलें कि 1982 बैच के आईएएस नीरज गुप्ता 26 जुलाई 2014 को प्रमुख सचिव गृह के पद पर बैठे थे। इसके दो महीने बाद ही वह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर चले गए हैं। नीरज गुप्ता को यह जानकारी सीनियर आईएएस अधिकारी राकेश बहादुर के हटने के बाद दी गई थी।
उनके पास इसके अलावा प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा का भी चार्ज था। उनको इस पद से भी रिलीव कर दिया गया है। अखिलेश के ढाई साल के कार्यकाल में अब तक पांच प्रमुख सचिव गृह बदल चुके हैं।
सपा के सत्ता में आते ही अखिलेश यादव ने कहा था कि कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने सबसे पहले 1982 बैच के आरएम श्रीवास्तव को प्रमुख सचिव गृह की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। वह 15 अक्टूबर 2013 तक इस पद पर रहे।
उसके बाद 1979 बैच के अनिल कुमार गुप्ता को प्रमुख सचिव गृह बनाया गया था, लेकिन उन्हें भी तीन जून को हटा दिया गया। इसके बाद सरकार तेज़ तर्रार माने-जाने वाले आईएएस दीपक सिंघल को लेकर आई। हालांकि, बड़े-बड़े दावे करने के बाद वह सिर्फ 15 दिन ही प्रमुख सचिव गृह की कुर्सी पर टिक सके।
इसके बाद 1979 बैच के ही आईएएस अधिकारी राकेश बहादुर को कुर्सी सौंपी गई, लेकिन वह प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री बनकर चले गए। इसके बाद सरकार नीरज गुप्ता को लेकर आई थी, लेकिन उनका भी मोह सरकार से भंग हो गया और वह प्रतिनियुक्ति पर केंद्र में चले गए।
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