फोटो: अपने घर में सुरेंद्र कोली की तस्वीर के साथ उसकी मां कुंती देवी।
मंगरूखाल/अल्मोड़ा/लखनऊ. निठारी कांड के मुख्य आरोपी सुरेंद्र कोली की फांसी पर सुप्रीम कोर्ट ने 29 अक्टूबर तक के लिए रोक लगा दी है। इसके बाद रविवार को उसकी पत्नी बच्चों सहित करीब आठ साल बाद उससे गाजियाबाद के डासना जेल में मिली।
कोली ने कहा कि निठारी कांड के कथित मास्टर माइंड मोनिंदर सिंह पंढेर ने उसके साथ धोखा किया है। उसे जबरन इस मामले में फंसाया गया है। कोली के बातों की सच्चाई और गांववालों की प्रतिक्रिया जानने के लिए dainikbhaskar.com की टीम कोली के उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के मंगरूखाल गांव पहुंची।
मंगरुखाल गांव, उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के सल्ट तहसील में है। सुरेंद्र कोली का गांव मंगरुखाल उत्तराखंड के अल्मोड़ा के स्याल्दे ब्लॉक में है। समुद्र तल से करीब 2500 मीटर ऊपर स्थित इस गांव में जाने के लिए मेन रोड से 200 मीटर ढलान में उतरना पड़ेगा। इसके बाद रास्ते में एक छोटी नदी का पुल पार कर कुछ किमी पैदल चलने के बाद मंगरुखाल गांव आता है। सुरेंद्र कोली का मकान मिट्टी और पत्थरों से पहाड़ की परंपरागत शैली में बना है। वह काफी जर्जर हो चुका है। इसमें अब सिर्फ उसकी मां कुंती देवी ही रहती हैं।
कोली के पिता की मौत हो चुकी है। परिवार में मां के अलावा उसके तीन भाई और एक बहन हैं। सबसे बड़ा भाई चंदनराम, दूसरे आनंदराम, तीसरा सुरेंद्र कोली है, चौथे भाई की अभी शादी नहीं हुई है। गांव में कोली की मां कुंती देवी (70) और उसकी पत्नी शांति देवी रहते थे। करीब छह महीने पहले कोली की पत्नी अपने दोनों बच्चों को लेकर दिल्ली चली आई है।
आगे पढ़िए, अपनी बहन की बेटी की ससुराल में रहती हैं कुंतीदेवी...
EDITED BY:- सुजीत वर्मा।