लखनऊ. वाइब्रेंट गुजरात में आए अप्रवासी भारतीयों को प्रदेश में बुलाने के लिए सरकार ने ब्रांडिग में करोड़ों रुपए खर्च किया था। लेकिन अब जब यूपी में एनआरआई दिवस मनाने का मौका आया तो सरकार ने हाथ खड़े कर दिए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, 28 फरवरी को आगरा में आयोजित होने वाला अप्रवासी भारतीय दिवस स्थगित कर दिया गया है। माना जा रहा है कि इसे अब 2016 में मनाया जाएगा।
यूपी सीएम अखिलेश यादव प्रदेश में निवेश चाहते थे, लेकिन उन्हें अफसरों का साथ नहीं मिला। इसकी वजह से यूपी में निवेश के लिए एक-आध प्रोजेक्ट छोड़ दें तो ज्यादा निवेश सपा सरकार के तीन साल तक के कार्यकाल में नहीं आया है। इस दौरान गुजरात वाइब्रेंट से आस बंधी थी। इसके लिए सरकार ने देश-विदेश में यूपी की ब्रांडिंग पर करोड़ों रुपए खर्च भी किए थे, लेकिन ऐनवक्त पर सीएम अखिलेश यादव नहीं पहुंच सके थे।
तत्कालीन प्रमुख सचिव संजीव सरन बने कारण
एनआरआई विभाग की सूत्रों की मानें तो सरकार की ओर से विभाग को एनआरआई दिवस की तैयारियों के बाबत आदेश दे दिए गए थे। लेकिन, तत्कालीन प्रमुख सचिव संजीव सरन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। इसकी वजह से तय समय में तैयारियां नहीं पूरी हो पाई। वहीं, ब्यूरोक्रेसी में हुए फेरबदल में आईएएस संजीव सरन का एनआरआई विभाग से तबादला भी हो गया।
आम बजट भी बन रहा है रोड़ा
वहीं, सूत्रों की माने तो अप्रवासी दिवस के समय आम बजट चल रहा होगा। ऐसे में उद्यमियों की नजर देश के आम बजट पर होगी। ऐसे में उनका यूपी आना भी मुश्किल माना जा रहा था। इसे भी कार्यक्रम को टालने की वजह माना जा रहा है। वहीं, इस दौरान 18 फरवरी से यूपी का आम बजट सत्र भी शुरू हो रहा है। इस दौरान सीएम यूपी का बजट भी पेश करेंगे, जिस पर भी उद्यमियों की नजर बनी रहेगी।
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