लखनऊ. सड़क हादसों में जान गवांने वालों की संख्या को कम करने के लिए परिवहन विभाग एक नई पहल करने जा रहा है। ट्रांसपोर्ट कमिश्नर रविंद्र नायक ने सभी जिलों के पुलिस कप्तानों और डीएम को पत्र लिखकर जिले में सिर्फ आईएसआई मार्क वाले हेलमेट ही बिकने देने के लिए कहा है। दलील दी है कि अच्छी गुणवत्ता वाले हेलमेट नहीं होने की वजह से भी वाहन चालकों की जान नहीं बच पाती है। इसलिए सिर्फ आईएसआई मार्क वाले हेलमेट ही बेंचे जाएं।
सूबे में हर साल सड़कों हादसों में 16 हजार लोगों की मौत होती हैं। लोगों को मौत से बचाने के लिए प्रदेश में सिर्फ आईएसआई मानक के ही हेलमेट बेचने की तैयारी हो रही है। इस संबंध में परिवहन आयुक्त के. रविंद्र नायक ने प्रदेश के सभी डीएम और एसएसपी को पत्र लिखा है। निर्देश दिए हैं कि मानक के विपरीत हेलमेट बेचने वाले पर कार्रवाई की जाए।
परिवहन आयुक्त नायक ने बताया कि दोपहिया वाहन चालक आईएसआई मानक का हेलमेट पहने तो हादसों में 90 फीसद लोगों की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में हर साल सड़क हादसों में 16 हजार लोग मौत के मुंह में समा जाते हैं। जनवरी से जून 2014 के बीच दोपहिया वाहनों से दो हजार 656 दुर्घटनाएं हुईं, जिसमें 1,342 लोगों को जान गंवानी पड़ी। इसके अलावा गंभीर रूप से घायलों की संख्या 1,258 रहीं।
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