लखनऊ. उत्तर प्रदेश की नौकरशाही पर लगातार तीसरे दिन हाईकोर्ट का सख्त रवैया जारी रहा। आज प्रदेश के मुख्य सचिव सहित 15 लोगों के खिलाफ अदालत ने आदेश जारी किए। इनमें मुख्य सचिव जावेद उस्मानी को समेकित बाल विकास योजना से संबंधित नियमावली अदालत के आदेश के बावजूद भी तय समय में अब तक न बनाने के मामले में अवमानना नोटिस जारी की।
व़हीं दूसरी बेंच ने अलग-अलग समय पर तैनात रहे कई विभागों के प्रमुख सचिवों के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी कर संबंधित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेटों को आदेश दिया है कि उनकी गिरफ्तारी कराकर अदालत में उपस्थित कराना सुनिश्चित करें।
इनमें प्रमुख सचिव स्तर के अफसर रवीन्द्र सिंह, अवनीश कुमार अवस्थी भी शामिल हैं। साथ ही पीठ ने आईएएस, निदेशक पंचायती राज सौरभ बाबू, सचिव इंटरमीडिएट शिक्षा जितेन्द्र कुमार, यूपी कोऑपरेटिव फेडरेशन के प्रबंध निदेशक सुभाष चंद्र शर्मा, नार्थ मेंटीनेंस टेलीफोन के महाप्रबंधक एके टंडन, लोकनिर्माण विभाग के इंजीनियर इन चीफ यूके सिंह, बीएसए लखीमपुर को अवमानना मामलों में तलब किया है।
इसके अलावा अदालत ने बहराइच के डीआइजी कार्मिक कवीन्द्र प्रताप सिंह, पुलिस अधीक्षक बीके यादव, निदेशक उद्यान दिनेश चन्द्र, आईजी रजिस्ट्रेशन आलोक कुमार, गोंडा के जिला विद्यालय निरीक्षक शिवलाल के खिलाफ गिरफ्तारी आदेश जारी कर सुनवाई के समय अदालत में उपस्थित कराने के आदेश दिए हैं।
वहीं अवमानना मामलों में देरी से जवाब देने के मामले में प्रमुख सचिव चिकित्सा व स्वास्थ्य को निर्देश दिया है कि महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य डीके श्रीवास्तव की सेवा पुस्तिका में प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज की जाए।