लखनऊ. किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यायल (केजीएमयू) के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती एक मरीज का रविवार को ब्रेन डेड हो गया। इसके बाद परिजनों ने मरीज का ऑर्गन ट्रांसप्लांट कराने का फैसला लिया। ऐसे में केजीएमयू के डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर मरीज का लीवर और किडनी निकाल लिया। इन अंगों को पीजीआई में दूसरे मरीजों को लगा दिया गया। इस तरह उन मरीजों को एक नई जिंदगी मिली।
बताते चलें कि गोरखपुर निवासी धर्मवीर सड़क हादसे में बुरी तरह से घायल हो गए थे। उनके घरवालों ने उन्हें केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया। रविवार को उनका ब्रेन डेड हो गया, लेकिन धड़कनें अभी भी चल रही थी। धर्मवीर के परिजनों को यह समझते देर नहीं लगी कि अब वह ज्यादा देर तक जिंदा नहीं रहेंगे। ऐसे में डॉक्टरों के समझाने पर उन्होंने मरीज का अंगदान करने का फैसला लिया।
इसके बाद मरीज को शताब्दी अस्पताल के ऑर्गन ट्रांसप्लांट विभाग लाया गया। यहां ट्रॉमा सेंटर के प्रभारी और यूरोलॉजी विभाभ प्रमुख डॉ. एसएन शंखवार ने टीम के साथ उनके लीवर और किडनी को निकाला। इन अंगों को सुरक्षित तरीके से देर रात पीजीआई पहुंचाया गया। यहां भर्ती पहले से चयनित मरीजों को ये अंग ट्रांसप्लांट किए गए।
फोटो: पीजीआई, लखनऊ।