लखनऊ. यूपी के निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों में अब दूसरे राज्यों के छात्र भी दाखिला ले सकेंगे। इतना ही नहीं राज्य स्तर पर होने वाली इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा का दायरा भी पूरे देश के लिए बढ़ा दिया जाएगा। निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों की 85 फीसदी सीटों पर दूसरे राज्यों के विद्यार्थियों को प्रवेश का मौका मिलेगा। इस बाबत शासन में सैद्धांतिक सहमति बन गई है और जल्द ही शासनादेश जारी होने की उम्मीद है।
यूपी डोमिसाइल (निवास प्रमाणपत्र) का दायरा अब सिर्फ राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों तक ही सीमित रहेगा। अब तक यूपी के इंजीनियरिंग कॉलेजों में सिर्फ यहां के छात्रों को ही दाखिला मिलता था। इसके लिए छात्र के अभिभावक स्तर पर ही यूपी डोमिसाइल की छूट थी। यदि पिता यूपी का निवासी हों तो ही देश के दूसरे राज्य में रह रहे छात्र को प्रवेश प्रक्रिया में शामिल होने का मौका दिया जाता था।
इसलिए महसूस हुई ज़रूरत
पिछले कई सालों से राज्य प्रवेश परीक्षा (एसईई) में प्रतिभागियों की कमी होती जा रही थी। नतीजतन कॉलेजों में काफी संख्या में सीट खाली रह जाती थी। साथ ही दूसरे राज्य के छात्र एडमिशन नहीं मिलने की वजह से इंजीनियरिंग की पढ़ाई नहीं कर पाते थे। इसी परेशानी को दूर करने का यह रास्ता अपनाया गया है। राज्य के प्राविधिक शिक्षा मंत्री प्रो. शिवाकांत ओझा की अध्यक्षता में विभाग स्तर पर इस बाबत कई बैठक भी हो चुकी है।
सूत्रों का कहना है कि यूपी प्राविधिक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आरके खाण्डल, प्राविधिक शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव के बीच सहमति बन गई है। राजकीय संसाधनों के सहयोग से चलने वाले सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में सिर्फ यूपी के विद्यार्थियों को प्रवेश मिलेगा। साथ ही निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों में देश के सभी राज्यों के विद्यार्थियों को मौका मिल सकेगा।
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