लखनऊ. पीएम मोदी गुरुवार को जिस समय मेक इन इंडिया कैंपेन की घोषणा कर रहे थे, उसी समय राजधानी में उद्योगपति, बैंक और सरकारी अधिकारी उनकी घोषणा को अमली जामा पहनाने के लिए चर्चा कर रहे थे। इस दौरान सभी ने मोदी के फर्स्ट डेवलप इंडिया (एफडीआई) कंसेप्ट पर काम करने का निर्णय लिया। साथ ही उन्होंने स्थानीय स्तर पर हुनर को तराशने और सही काम देने पर भी सहयोग करने की सहमति बनाई।
पीएम मोदी गुरुवार को देश के इंडस्ट्रियल सेक्टर को एफडीआई (फॉरेन डायरेक्ट इंवेस्टमेंट) का देशहित में अर्थ बता रहे थे। इस दौरान गोमती नगर स्थित पीएचडी चैंबर के ऑफिस में राजधानी के कई नामी इंडस्ट्रियलिस्ट से लेकर फिक्की के सदस्य, बैंक अधिकारी उनके भाषण को सुन रहे थे। इसके बाद चैंबर के को चेयरमैन सौरभ पांडेय ने पीएम की बात को दोहराते हुए कहा कि एफडीआई के लिए इंडस्ट्रियल सेक्टर की दो भूमिका है। पहली यह कि कैसे विदेशी कंपनियों से मिलने वाले पैसे से देश को लाभ दिलाया जाए और दूसरा यह कि देश को उसके लिए तैयार किया जाए।
स्थानीय स्तर पर तैयार करेंगे हुनर
सौरभ पांडेय ने कहा कि यूपी का हर इंडस्ट्रियलिस्ट मेक इन इंडिया के लिए स्थानीय स्तर पर ही हुनर तैयार करेगा। साथ ही लोगों को आगे बढ़ाने में हर तरह की मदद करेगा। चैंबर के रीजनल डॉयरेक्टर आरके सरन ने कहा कि प्रदेश की इंडस्ट्री सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय स्तर पर ही स्किल डेवलप की जाएगी। फिक्की के चेयरमैन के.के झुनझुनवाला ने कहा कि यूपी में माद्दा है कि वो पीए के ड्रीम प्रोजेक्ट दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर को प्रदेश तक ला सके।
फोटो में: मीटिंग के बाद ग्रुप फोटो में इंडस्ट्रियलिस्ट।