लखनऊ. जौनपुर निवासी तीन युवकों को फर्जी सांसद बनना महंगा पड़ गया। जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों को फोन करके धौंस जमाने के आरोप भी सर्विलांस की टीम ने उनपर कार्रवाई की। पुलिस की मदद से टीम ने उन्हें लालबत्ती चौराहे से गिरफ्तार किया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। वहीं, एसएसपी ने जालसाजों को पकड़ने के लिए सर्विलांस टीम को पांच हजार रुपए का इनाम दिया है।
पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग फर्जी सांसद बनकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों को फोन करके परेशान कर रहे हैं। वे उनपर रौब दिखाकर फर्जी काम करने का दबाव बनाते हैं। पुलिस ने कॉल किए गए
मोबाइल नंबरों को रडार पर रखा। कॉल ट्रेस की गई, तो ये तीन मोबाइल नंबर सामने आए। इसके बाद पुलिस और सर्विलांस टीम ने कार्रवाई शुरु कर दी।
ऐसे करते थे फर्जीवाड़ा
पूरी जानकारी इकठ्ठा करके सर्विलांस टीम ने जाल बिछाया। दो दिन ट्रेस करने के दौरान इनकी लोकेशन लगातार गौतमपल्ली के वीआईपी इलाके मिल रही थी। टीम ने इसके बाद मुन्ना यादव, फैजल और शुभम जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे सभी बड़े सम्मेलनों में जाते थे। वहां चालाकी से किसी न बड़े अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का फोन नंबर हासिल कर लेते थे। कभी-कभी बैनरों और होर्डिंगों से भी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के नंबर चुराते थे। इसके बाद फर्जीवाड़ा करते थे।
प्री एक्टिवेटेड सिम से करते थे धंधा
गिरफ्तार हुए तीनों युवकों ने बताया कि उनके पास काफी संख्या में प्री-एक्टिवेटेड सिम रहते थे। फोन करने के लिए हर बार नए सिम का इस्तेमाल किया जाता था। काम हो जाने के बाद सिम को तोड़ कर फेंक देते थे। सर्विलांस टीम ने उनके पास से एक डायरी, दो मोबाइल, चार प्री-एक्टिवेटेड सिम बरामद किए हैं।
फोटो: गिरफ्तार युवक।