लखनऊ. बीते तीन सितंबर को राजधानी के कृष्णानगर में हुई नीतीश कुमार वर्मा की हत्या का मंगलवार को पुलिस ने खुलासाा कर लिया है। इस मामले में हत्यारोपी जसवंत को कृष्णानगर पुलिस ने शहीद पथ स्थित देहिषा गांव के मंदिर के पास से गिरफ्तार किया है। उसकी निशानदेही पर उसके बाकी साथियों की तलाशी की जा रही है। पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया कि प्रेम-प्रपंच में युवक की हत्या हुई थी।
बताते चलें की एक सितंबर की दोपहर कृष्णानगर चौराहे से नीतीश का कुछ युवकों ने अपहरण कर लिया था। काफी छानबीन के बाद उसके परिजनों ने कृष्णा नगर कोतवाली में उसके अपहरण की सूचना दर्ज करवाई थी। लेकिन, तीन सितंबर की सुबह चिनहट पुलिस को एक लाश बाराबंकी रोड पर मिली। परिजनों ने उसकी पहचान नीतीश कुमार के रूप में की। इसके बाद अपहरण के बजाय हत्या का मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया।
सर्विलांस से हुआ खुलासा
जांच दल को प्रत्यक्षदर्शियों ने गाड़ी का नंबर और युवक की पहचान बताई, जिससे पुलिस को मामले की तह में पहुंचने में ज्यादा समय नहीं लगा। इसके अलावा परिजनों की निशानदेही पर पुलिस ने कई लोगों को अपने रडार पर लिया और जांच को आगे बढ़ाया। पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से उनकी गिरफ्तारी के लिए जाल बिछाया, जिससे जसवंत पकड़ा गया।
एकतरफा प्रेम प्रसंग बनी हत्या की वजह
इंस्पेक्टर कृष्णानगर ने बताया की मृतक नीतीश कुमार का सोनम (काल्पनिक) नाम की लड़की से प्रेम प्रसंग चल रहा था। उसी लड़की को हत्या आरोपित जसवंत भी चाहता था। दोनों का उसके घर आना जाना था। सूत्रों के मुताबिक लड़की नीतीश को पसंद करती थी। बस इसी बात से जसवंत नीतीश से चिढ़ता था। अपने रास्ते का कांटा बने नीतीश को हटाने के लिए जसवंत ने उसके हत्या की साजिश रची और उसे अंजाम भी दे डाला।
चश्मदीद गवाहों ने बिगाड़ा खेल
प्रत्यक्षदर्शियों के निसानदेही पर पुलिस ने काम किया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इंस्पेक्टर कृष्णानगर ने बताया की पुलिस जसवंत की तलाश में दस दिन से लगी थी। लेकिन शातिर किस्म का यह अपराधी सर्विलांस को चकमा देने में कामयाब नहीं हो सका और पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
प्रतीकात्मक तस्वीर