लखनऊ. मोहनलालगंज में पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में 16 लोगों की मौत के बाद आखिरकार पुलिस प्रशासन नींद से जागी है। शहर में घनी आबादी के बीच पटाखा दुकानें और गोदाम चलाने वाले कारोबारियों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। एसएसपी के निर्देश पर सोमवार को चिनहट पुलिस ने घनी आबादी के बीच में पटाखा गोदाम संचालित कर रहे दो कारोबारियों के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं।
मोहनलालगंज हादसे के बाद एसएसपी प्रवीण कुमार ने सख्ती दिखाते हुए राजधानी के सभी अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी और थानाध्यक्षों को अवैध रूप से संचालित की जा रही पटाखा फैक्ट्रियों पर सख्ती बरतने के आदेश दिए हैं। वहीं, घनी आबादी के बीच गोदाम बनाकर पटाखों का भंडारण करने वाले कारोबारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए हैं।
चिनहट पुलिस ने दो कारिबारियों का लाइसेंस किया रद्द
इसके बाद चिनहट पुलिस ने कस्बे में 50 किलोग्राम तक आतिशबाजी भंडारण करने पर लाइसेंस प्राप्त दो कारोबारियों का लाइसेंस रद्द किए जाने की कार्रवाई की है। पुलिस का कहना है कि मोहम्मद दिलशाद और मोहम्मद इशहाक नाम के दोनों कारोबारियों ने घनी आबादी के बीच पटाखा गोदाम बना रखे हैं।
सिसेंडी गांव में पटाखा फैक्ट्री में हुआ था जबरदस्त विस्फोट
बताते चलें कि बीते शनिवार सुबह मोहनलालगंज के सिसेंडी गांव में एक पटाखा फैक्ट्री में जबरदस्त विस्फोट हुआ था। इस दौरान पूरे गांव में दहशत फैल गया था। कई लोगों की मौत मौके पर ही हो गई थी, जबकि दर्जनभर से अधिक लोग गभीर रूप से झ़ुलस चुके थे जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसमें अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है।
फाइल फोटो।