लखनऊ. पॉवर कॉरपोरेशन के एमडी अयोध्या प्रसाद मिश्रा इन दिनों स्टडी टूर के लिए विदेश यात्रा पर गए हैं। उनके विदेश दौरे के जाने के कारण यूपी के 106 तहसीलों में 12 घंटे बिजली आपूर्ति के आदेश अटक गए हैं। इसकी वजह से तहसील के लाखों उपभोक्ताओं को 10 घंटे बिजली आपूर्ति ही की जा रही है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हर गांव को बिजली-हर घर में उजाला के लक्ष्य पर 8 दिसंबर को 106 उपकेंद्रों को चालू करा दिया था। इनमें सर्वाधिक 40 तहसीलें मध्यांचल विद्युत वितरण निगम से पोषित जिलों की हैं। इसके अलावा पूर्वांचल की 28 तहसीलें और दक्षिणांचल व पश्चिमांचल डिस्कॉम के 19-19 तहसील को इस व्यवस्था में शामिल किया गया है। अतनी कवायद किए जाने के बाद भी तहसीलों और ग्रामीण क्षेत्र को 10-10 घंटे की सप्लाई मिल रही है। दरअसल, दोनों का शेड्यूल तो एक है लेकिन तहसीलों के उपकेंद्र चालू हो जाने से बाद सप्लाई में दो घंटे का फर्क हो जाएगा।
इसके बाद तहसीलों को 12 और ग्रामीण इलाकों को 10 घंटे बिजली सप्लाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने इसके लिए शेड्यूलिंग करने के निर्देश दिए गए थे लेकिन अभी तक शेड्यूल बनकर तैयार नहीं हो पाया है। पॉवर कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक एपी मिश्र सरकारी दौरे पर विदेश रवाना हो गए हैं। ऐसे में उनके आने से पहले इस व्यवस्था के शुरू होने की उम्मीद भी कम हो गई है।
अनपरा की इकाई बंद, बिजली व्यवस्था बिगड़ी
यूपी में सरकारी बिजली उत्पादन की रीढ़ अनपरा बी की दोनों यूनिटें फिर एकसाथ बंद हो गई हैं। तकनीकी कारणों से ठप हुई इन इकाइयों में एक को सिंक्रोनाइज कर लिया गया लेकिन दूसरी यूनिट अब तक चालू नहीं हो सकी है। इसके साथ ही ओबरा, टांडा और रोजा में भी एक-एक यूनिट तकनीकी कारणों से बंद हो गई हैं। इसके चलते बिजली की मांग और उपलब्धता के बीच एक बार फिर 1000 मेगावाट से ज्यादा का गैप आ गया है।
प्रतीकात्मक तस्वीर।