सीतापुर. राजधानी से सटे सीतापुर जिले में सफर करना जोखिम भरा साबित हो सकता है। दिल्ली में बीते दिनों हुए युवती के रेप को लेकर ट्रैवल एजेंसियों और चालकों के सत्यापन का मुद्दा पूरे देश में छाया हुआ है, लेकिन यहां के हालात अलग हैं। शहर की ट्रैवल एजेंसी से अटैच अधिकांश वाहन कामर्शियल नहीं, बल्कि निजी वाहन इस्तेमाल कर रहे हैं। साथ ही टैक्सी वाहनों में जीपीएस सिस्टम भी नहीं लगा है।
राजधानी दिल्ली में एक युवती के साथ टैक्सी वाहन में हुई दरिंदगी के बाद चालकों के सत्यापन का मुद्दा छाया हुआ है। सीतापुर जिले में ट्रैवल एजेंसी से संचालित होने वाले अधिकांश निजी वाहन हैं। शहर के कुल 13 ट्रैवल एजेंसियों की पड़ताल करने पर पता चला कि यहां से संचालित किए जाने वाले वाहन निजी हैं।
थोड़े बहुत जो टैक्सी वाहन चल भी रहे हैं, लेकिन उनमें जीपीएस सिस्टम ही नहीं लगा है। इन वाहनों के चालकों का ब्यौरा भी एजेंसी संचालक के पास उपलब्ध नहीं है। एसपी राजेश कृष्ण ने बताया कि टैक्सी वाहनों के चालकों का ब्यौरा जुटाया जाएगा और जिसकी जानकारी पुलिस विभाग के पास उपलब्ध रहेगी।
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