लखनऊ. आने वाले 28 सितंबर को संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) लखनऊ के निदेशक आरके शर्मा का कार्यकाल खत्म हो रहा है। इस वजह से न्यूरोलॉजी विभाग के प्रोफेसर यूके मिश्रा को अंतरिम निदेशक बनाया गया है। उन्हें नियुक्त करने का आदेश शुक्रवार को राजभवन की तरफ से जारी कर दिया गया। प्रोफेसर मिश्रा नए निदेशक की नियुक्ति तक या फिर तीन महीने तक निदेशक का कार्यभार संभालेंगे।
पीजीआई के नए निदेशक की नियुक्ति किए जाने को लेकर शुक्रवार को सर्च कमिटी की मीटिंग थी। सूत्रों की मानें तो सर्च कमिटी में शामिल सभी सदस्य शामिल नहीं हुए थे। इसके बाद प्रमुख सचिव आलोक रंजन, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा, हाईकोर्ट के जस्टिस डीपी सिंह और कार्यपरिषद की तरफ से नॉमित सदस्य की राजभवन में मीटिंग हुई।
सर्च कमिटी में छह लोग शामिल
नये निदेशक की नियुक्ति को लेकर राज्यपाल की तरफ से सर्च कमिटी नियुक्त की गई है। इसमें हाईकोर्ट के जज के अलावा, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा, प्रमुख सचिव राज्यपाल सहित तीन बाहरी विशेषज्ञ भी शामिल हैं। बाहरी विशेषज्ञों के बारे में सूत्रों का कहना है कि इनमें एम्स के निदेशक डॉ. एमसी मिश्रा, दिल्ली यूनिवर्सिटी के बॉयो जेनिटिक्स डिपार्टमेंट के प्रोफेसर बीके थेलमा और टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल के निदेशक प्रोफेसर आरए बडवे शामिल हैं।
डॉ. आरके शर्मा को पांच साल हो जायेगा पूरा
21 सितम्बर 2009 को नियुक्ति के बाद मौजूदा निदेशक डॉ. आरके शर्मा ने 28 सितंबर 2009 को कार्यभार ग्रहण किया था। नियुक्ति के दौरान निदेशक का कार्यकाल महज तीन साल के लिए था, लेकिन 2011 में लागू नए रेगुलेशन के बाद निदेशक का कार्यकाल पांच साल के लिए हो गया था। इसके बाद से डॉ. शर्मा अभी तक पद पर बने हुए हैं। निदेशक के कार्यकाल के बाद भी डॉ. शर्मा आठ साल तक अभी नेफ्रोलॉजिस्ट के विभाग प्रमुख पद पर बने रहेंगे।
संस्थान के यह विशेषज्ञ हैं दौड़ में शामिल
पीजीआई में नये निदेशक की नियुक्ति प्रक्रिया के बारे में सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान निदेशक के अलावा गैस्ट्रो सर्जरी विभाग के डॉ. राजन सक्सेना, न्यूरोलॉजी विभाग के डॉ. सुनील प्रधान, इण्डोक्राइनोलॉजी विभाग के डॉ. एसके मिश्रा, कार्डियोलॉजी विभाग के डॉ.
पीके गोयल, यूरोलॉजी विभाग के डॉ. राकेश कपूर, कार्डियक सर्जरी विभाग के डॉ. र्निमल गुप्ता, इण्डोक्राइन सर्जरी विभाग के डॉ. एसके मिश्रा और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पीके सिह शामिल है।
फाइल फोटो: एसजीपीजीआई संस्थान