लखनऊ. ग्राम रोजगार सेवक संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने विधानसभा का घेराव किया और अखिलेश सरकार विरोधी नारे भी लगाए। कार्यकर्ता पिछले 15 महीने से रूके वेतन की मांग कर रहे थे। इससे विधानसभा मार्ग पर भयंकर जाम लग गया। हजरतगंज चौराहा से लेकर बर्लिंगटन चौराहा तक ट्रैफिक रोक देना पड़ा। करीब दो घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। ऐसे में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान मौके पर भारी पुलिस फोर्स तैनात रही।
शुक्रवार को ग्राम रोजगार सेवक संघर्ष समिति के कार्यकर्ता रविंद्रालय से होते हुए विधानसभा मार्ग पहुंचे। यहां वह धरने पर बैठ गए। इस दौरान उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। समिति के अध्यक्ष अखिलेश यादव कहना था कि ग्राम सेवकों मानदेय के रूप तीन हजार 630 रुपए मिलते हैं। पिछले 16 महीने से उन्हें मानदेय नहीं दिया गया है। इसके चलते उनके सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। ऐसे में कार्यकर्ताओं में काफी रोष है।
क्या है ग्राम रोजगार सेवक संघ की मांगें
ग्राम रोजगार सेवक संघर्ष समिति के अध्यक्ष अखिलेश ने बताया कि सरकार ने हर कदम पर उन्हें धोखा दिया है। उनकी मांग है कि यहां के कर्मचारियों को नियमित करके राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। इसके साथ ही ग्राम सेवकों पर जो झूठे मुकदमें किए गए है, उन्हें तत्काल प्रभाव से वापस लिए जाए। जिन ग्राम सेवकों को गलत तरीके से हटाया गया है, उन्हें तुरंत बहाल किया जाए। उनके मुताबिक, सभी सेवक अपना काम पूरी लगन और मेहनत के साथ करते है। बावजूद इसके सरकार उन्हें नियमित करने में आनाकानी कर रही है।
घंटों लगा जाम
ग्राम रोजगार के कार्यकर्ताओं ने विधानसभा के सामने धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान रॉयल कैफे चौराहा से लेकर हजरतगंज चौराहा तक का रूट डायवर्ट किया गया। इससे दोनों तरफ भयंकर जाम लग गया। वहीं, तेज धूप के कारण भी राहगीर परेशान हो उठे।
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