हरदोई. बुंदेलखंड के बाद अब हरदोई के कुछ युवकों ने 'भूखा न सोए कोई, रोटी बैंक हरदोई' के नारे के साथ हर शनिवार को गरीबों तक रोटी पहुंचाने की शुरुआत की है। इस पहल को जैसे-जैसे सफलता मिल रही है, इसे रोज करने पर भी विचार चल रहा है।
रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन पर होता है रोटी वितरण
छात्र राजनीति से जुड़े विक्रम पांडेय ने करीब 15 साथियों के साथ बीते 6 फरवरी से रोटी बैंक की शुरुआत की है। उन्होंने ये शुरुआत देश के दूसरे जिलों में चलाए जा रहे रोटी बैंक से प्रेरणा लेकर शुरू की है। ये लोग रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, अस्पताल आदि जगहों पर दिखने वाले गरीबों को शनिवार की शाम से रात करीब 9 बजे तक रोटी वितरण करते हैं।
नहीं लेते हैं कोई सरकारी मदद
रोटी बैंक के संयोजक विक्रम पांडेय ने बताया कि उनका कान्सेप्ट बिना किसी सरकारी मदद के गरीबों तक रोटी तक पहुंचाना है। वे साथियों के साथ मिलकर शहर के वार्डों, मोहल्लों से रोटियां इकट्ठा करते हैं। इसके बाद पैकेट में सब्जी, अचार, मिर्च, गुड़ आदि रखकर गरीबों तक पहुंचाते हैं।
16 से 18 सौ तक रोटियां हो रहीं इकट्ठा
बैंक के सदस्य अनुपम पांडेय ने बताया कि सीमित संसाधनों के कारण ये मुहिम अभी सप्ताह में एक ही दिन चल रही है। लेकिन धीरे-धीरे इसने रफ्तार पकड़ ली है। केवल शनिवार को करीब 16 से 18 सौ तक रोटियां इकट्ठा हो रही हैं। लगभग 350 से ज्यादा घर इस मुहिम से जुड़ गए हैं। हर घर से हम लोगों को रोटियां मिल जाती हैं, जबकि सब्जी, गुड़, प्याज आदि चीजों की व्यवस्था हम लोग करते हैं। उन्होंने कहा कि बैंक के सदस्यों को इस सेवा भाव से संतुष्टि मिलती है।
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