विधानसभा उपचुनाव में प्रचार के दौरान बीजेपी के यूपी प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेई (फाइल तस्वीर)
- हार गया योगी आदित्यनाथ का लव जिहाद मुद्दा
- फायर ब्रांड नेता भी उपचुनाव में हुए धरासाई
- बीजेपी सांसदों पर भी तय होगी हार की जिम्मेदारी
लखनऊ. यूपी उपचुनाव में मिली हार को लेकर बीजेपी बैकफुट पर है। इस हार को लेकर उम्मीदवार अपनी ही पार्टी के नेताओं पर निशाना साध रहे हैं। लखीमपुर के निघासन सीट पर हर के बाद बीजेपी प्रत्याशी राम कुमार वर्मा ने कहा है कि सांसद अजय मिश्र ने भितरघात कर उन्हें हरवाया है। ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि क्या यूपी उपचुनाव में बीजेपी की हार के जिम्मेदार पार्टी के ही कुछ नेता हैं।
उपचुनाव में हार और भितरघात के मुद्दे पर बीजेपी के बड़े नेता बोलने को तैयार नहीं हैं, लेकिन इससे इनकार भी नहीं कर रहे हैं। बीजेपी के कुछ नेताओं के मुताबिक, समाजवादी पार्टी (सपा) ने उपचुनाव में मंत्रियों के साथ-साथ कार्यकर्ताओं की पूरी फौज उतार दी थी। वे करो या मरो की स्थिति में थे, जबकि बीजेपी ने उम्मीदवारों पर खास ध्यान नहीं दिया।
वाराणसी में हार गई बीजेपी
सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी में अंदर ही अंदर यह चर्चा भी है कि इस हार की गाज किसके ऊपर गिरेगी। इसको लेकर पार्टी के अंदर मंथन शुरू हो गया है। रोहनिया सीट पर अपना दल-बीजेपी गठबंधन के तहत सांसद अनुप्रिया पटेल की मां कृष्णा पटेल लड़ रही थीं, वह सपा प्रत्याशी से हार गईं। यह सीट प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से होने की वजह से इसे प्रतिष्ठा की सीट मानी जा रही थी। इस हार के लिए जिम्मेदार की तलाश भी अब होगी।
भितरघात पर नहीं हुई कार्रवाई
बीजेपी सूत्रों की मानें, तो यूपी उपचुनाव बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेई की अगुवाई में लड़ा जा रहा था, लेकिन फेल साबित हुए। कई विधानसभा सीटों पर भितरघात की सूचना के बाद भी उन्होंने कार्रवाई नहीं की। सहारनपुर नगर में, तो उनके सामने ही बीजेपी के दो धड़े भीड़ गए थे इसको लेकर हंगामा भी हुआ था। इससे यही माना जा रहा है कि लक्ष्मीकांत बाजपेई पर शीर्ष नेतृत्व कार्रवाई कर सकता है।
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