तस्वीर में: लखनऊ में बोलते साक्षी महाराज।
लखनऊ. 2011 में मोदी को मुस्लिम टोपी पहनाने वाले इमाम मेहंदी हसन के गरबा पर दिए बयान पर पलटवार करते हुए उन्नाव के सांसद साक्षी महाराज ने एक बार फिर विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि जो औरतों को बच्चा पैदा करने की मशीन समझते हैं, सिर्फ उन्हें गरबा में जाने की मनाही है। जबकि जो स्त्रियों को देवी समान समझता है, वह गरबा में जा सकता है।
साक्षी महाराजा गुरुवार को लखनऊ में थे। उन्होंने इंडियन मुस्लिम काउंसिल के महासचिव अल्लामा जमीर नकवी के साथ एक संयुक्त प्रेसवार्ता लखनऊ में की। पिछले दिनों उन्नाव की अदालत में साक्षी महाराज के खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने और मानहानि का मुकदमा दर्ज किया गया था। यह मुकदमा ऑल इंडिया मुस्लिम काउंसिल के रिजवान बरकाती की ओर से दायर किया गया है।
मदरसों पर फिर बोले साक्षी महराज
मदरसों में आतंक की शिक्षा दी जाती के बयान पर साक्षी महाराजा अभी भी टिके हुए हैं। उन्होंने कहा, 'मैंने कुछ भी गलत बयान नहीं दिया है। देश में हर शिक्षा बोर्ड का पाठ्यक्रम तय है, लेकिन मदरसों का कोई पाठ्यक्रम नहीं तय किया गया है। इस पर राष्ट्रीय स्तर पर बहस होनी चाहिए और हमारी शंका का समाधान करना चाहिए। यदि मैं गलत साबित हो जाऊं तो मेरे खिलाफ कार्रवाई की जाए।'
इंडियन मुस्लिम काउंसिल के महासचिव ने किया समर्थन
साक्षी महाराजा के साथ इंडियन मुस्लिम काउंसिल के महासचिव अल्लामा जमीर नकवी भी आए हुए थे। उन्होंने कहा, 'जिस रिजवान बरकाती ने साक्षी महाराज के खिलाफ इंडियन मुस्लिम काउंसिल संगठन का नाम प्रयोग कर मुकदमा दर्ज करवाया है, उसे मैं नहीं जानता हूं। रिजवान ने हमारे संगठन का नाम खराब किया है, उसके खिलाफ मैं एफआईआर करवाऊंगा।'
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