लखनऊ/अमेठी. हाल ही में अमेठी के दौरे पर आए अखिल भारतीय कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
राहुल गांधी ने कहा था अमेठी उनका घर है यहां आना उन्हें बेहद अच्छा लगता है। वहीं अमेठी को अपना घर कहने वाले राहुल ने एक दलित महिला को घर दिलाने का वादा किया था, लेकिन 6 साल बीत जाने के बाद भी वह वादा पूरा नहीं हो पाया।
ऐसे में अब उनके संसदीय क्षेत्र अमेठी में उन्ही के दलित मतदाताओं पर अन्य राजनीतिक दलों ने सेंध लगाना शुरू कर दिया है। लोकसभा चुनाव के ठीक पहले जिन दलितों से खुद राहुल ने वादे करके पूरे नहीं किए अब सभी दल उन्ही दलितों को तरह-तरह के प्रलोभन देकर अमेठी में राजनीतिक समीकरण बदलने में जुटे हैं।
दरअसल, यह मामला साल 2008 का है। जब अमेठी के सांसद राहुल गांधी ने संग्रामपुर इलाके की एक दलित महिला सुनीता कोरी के घर स्वयं सहायता समूह की एक मीटिंग की थी और दलित सुनीता कोरी के यहां भोजन कर वहीं लोगों के साथ रात गुजारी थी। दूसरे दिन अमेठी के ही नवोदय विद्यालय में आयोजित एक जनसभा में अपनी मां सोनिया गांधी की मौजूदगी में सुनीता कोरी की मार्मिक कहानी सुनाकर उसके घर को बनवाने का वादा किया था।
आगे पढ़े खुद क्या कहना है सुनीतो कोरी का...