प्रतीकात्मक तस्वीर।
लखनऊ. शनिवार को इंडो-नेपाल बॉर्डर पर गिरफ्तार तीन चीनी घुसपैठिए जेल में भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। तीनो चीनियों से पूछताछ के लिए दिल्ली से इंटेलिजेंस अफसरों की दो सदस्यीय टीम सिद्धार्थनगर के लिए रवाना हो गई है। यह टीम इनसे पूछताछ कर इनके भारत में घुसपैठ के कारणों का पता लगाएगी। गिरफ्तार हुए इन चीनी घुसपैठियों की पहचान लोयो व्यांजी, जो झियाओ और लियो जिंगफंग के रूप में हुई है। गिरफ्तारी के बाद यह तीनों बमुश्किल अपना नाम बता सके। नाम नहीं बताने की शर्त पर इंटेलिजेंस के एक उच्च पदस्थ सूत्र ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद तीनों चीनी नागरीक जेल भेज दिए गए थे। इन्हें अंग्रेजी और हिंदी भाषा का बिल्कुल ज्ञान नहीं है।
जानकारी के मुताबिक, गोरखपुर और बस्ती मंडल मुख्यालय पर इंटेलिजेंस का कोई भी अफसर चीनी भाषा का जानकार नहीं है। इसके चलते इनसे कोई पूछताछ कर पाना नामुमकिन सा हो गया है। ऐसे में स्थानीय पुलिस और इंटेलिजेंस के अधिकारियों ने स्थिति की जानकारी गृह मंत्रालय को दी है। इसके बाद सोमवार को चीनी भाषा के जानकार दो इंटेलिजेंस अफसर लखनऊ पहुंचे। यहां से वे देर शाम सिद्धार्थनगर रवाना हो गए।
भूख हड़ताल पर हैं चीनी घुसपैठिए
जानकारी के मुताबिक, रविवार को जेल भजे गए तीनों चीनी घुसपैठिए भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। उन्होंने कुछ भी खाने-पीने से मना कर दिया है। सूत्रों की मानें तो, इन चीनियों ने टूटी-फूटी अंग्रेजी में चाईनीज एंबेसी से चीनी अधिकारियों को बुलाने की मांग की है। चीनियों से अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक, वे रास्ता भटककर नेपाल से भारत की ओर आ गए थे। जहां उन्हें एसएसबी के जवानों ने पकड़ लिया।
शनिवार को चढ़े थे एसएसबी के हत्थे
शनिवार को सिद्धार्थनगर जिले की नेपाल सीमा से लगे ककरहवा इलाके में दो चीनी पुरुष और एक चीनी महिला बॉर्डर पर संदिग्ध रूप में घुमते पाए गए। स्थानीय मुखबिरों ने इसकी जानकारी एसएसबी को दी। इसके बाद एसएसबी के जवानों के उन्हें हिरासत में ले लिया। जानकारी पाकर एसएसबी के इंस्पेक्टर एस.एस. ठाकुर और डिप्टी कमांडेंट ललित कुमार ने पहुंचकर चीनियों से पूछताछ शुरू की और उनसे वीजा मांगा, जो वे नहीं दिखा सके। भाषा की मजबूरी के चलते इन एसएसबी अफसरों ने मोहना थाने को सूचना दी। पुलिस ने इन तीनों चीनी नागरिकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
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