लखनऊ. अमन के शहर के नाम से मशहूर लखनऊ समेत पूरे देश को झकझोर कर रख देने वाले गौरी हत्याकांड का खुलासा हो गया है। पुलिसिया तहकीकात के बाद खास बात यह निकलकर आ रही है कि इस पूरे मामले में सोशल नेटवर्किंग साइट
फेसबुक काफी हद तक शामिल है। गौरी और हिमांशु फेसबुक के जरिए ही पहली बार एक-दूसरे से रूबरू हुए थे। इसके बाद दोनों आपस में वॉट्सऐप पर बात करने लगे। इस पूरे मामले में सोशल मीडिया पुलिस के लिए एक चुनौती बना रहा।
जानकारी के मुताबिक, इसी वजह से पुलिस को मामले का खुलासा करने में एक हफ्ते से ज्यादा का समय लग गया। ऐसे में सोशल मीडिया पुलिस की जांच में चुनौती बन रही है। वहीं, हालिया दिनों में अपराधियों को पकड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सर्विलांस की तमाम कोशिशों के बावजूद वे सोशल मीडिया चक्रव्यूह को नहीं तोड़ सके। मामले कि जांच कर रहे अधिकारियों का कहना है कि यदि दोनों ने आपस में बातचीत के लिए
मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया होता, तो इस वारदात को पुलिस द्वारा रोका भी जा सकता था।
लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रही है सोशल मीडिया
फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया के कारण लोग परेशानी में पड़ रहे हैं। इससे पहले भी इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं। फेसबुक के अस्तित्व में आने के बाद से ही लोगों को अपनी हर गतिविधि इस सोशल साइट पर अपडेट करने की आदत हो गई है। इसके अलावा बच्चों की तस्वीरें और वीडियो भी खासतौर पर पोस्ट किए जाते हैं।
फेसबुक का दुरुपयोग कर रहे हैं लोग
दरअसल, फेसबुक दुरुपयोग के कई मामले सामने आ चुके हैं। सोशल साइट से जानकारी जुटा कर अपहरण और चोरी-डकैती की वारदातों को अंजाम दिया गया है। भारत में भी फेसबुक से जुड़े कई अपराध सामने आए हैं। ब्रिटेन, अमेरिका सहित कई देशों में फेसबुक बच्चों और बड़ों की आत्महत्या का कारण बन चुका है।
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