लखनऊ. हरियाणा के सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बाद अब सपा ने भी पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का दिल्ली में स्मारक बनवाने की मांग की है। यही नहीं, एक कदम आगे बढ़ते हुए सपा ने उन्हें भारत रत्न देने की भी मांग की है। सपा ने आरोप लगाया है कि, केंद्र में चाहे बीजेपी हो या फिर कांग्रेस दोनों ने ही चौधरी चरण सिंह के साथ इंसाफ नहीं किया है।
दरअसल, राजनितिक दलों में चौधरी चरण सिंह को मुद्दा बनाकर भुनाने की होड़ सी लग गई है। अब इस बहती गंगा में सपा भी हाथ धोना चाह रही है। सपा प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी कहते हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री के लिए सबसे ज्यादा काम सपा ने किया है। उन्होंने कहा कि, सपा सुप्रीमो
मुलायम सिंह यादव ने विधानभवन के सामने उनकी प्रतिमा स्थापित की है। मेरठ विश्वविद्यालय का नामकरण भी उनके नाम पर किया गया है।
राजेंद्र चौधरी कहते हैं कि, चौधरी चरण सिंह को सपा प्रेरक के रूप में मानती रही है। यूपी में समाजवादी सरकार बनने पर सीएम अखिलेश यादव ने बजट की 75 फीसदी धनराशि कृषि क्षेत्र पर खर्च करने का प्राविधान किया। किसानों का 50 हजार रूपए तक का कर्ज माफ किया गया। उनकी पेंशन राशि बढ़ाई गई। सरकारी ट्यूबवेल और नहरों से मुफ्त सिंचाई का लाभ किसानों को दिया गया है। किसानों को समय से खाद की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई। इसके अलावा गन्ना किसानों को भी राहत दी गई।
सपा का कहना है कि चौधरी चरण सिंह का स्मारक बनाना कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है। वही, सपा ने यूपीए सरकार के बहाने अजित सिंह पर भी निशाना साधा। सपा के मुताबिक, पिछले दस सालों से केंद्र में यूपीए सरकार थी लेकिन उन्होंने उन पर कोई ध्यान नहीं दिया। चौधरी चरण सिंह के बंगले को स्मारक घोषित करने की मांग हरियाणा के सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी कर चुके हैं. बीते बुधवार को उन्होंने केन्द्रीय मंत्री वैंकय्या नायुडू को पत्र लिख कर कहा था कि उस बंगले से लाखों करोड़ों किसानो की भावनाएं जुड़ी हुई हैं।
फाइल फोटो: सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी।