लखनऊ. राजधानी बीते महीने मुंबई से अरेस्ट कर यहां लाए गए शातिर बदमाश तारिक परवीन को कोर्ट ने शुक्रवार को जमानत दे दी। इसपर एसएसपी यशस्वी यादव ने कहा कि भले ही कोर्ट ने उसे बेल दी हो, लेकिन वह ज्यादा दिन आजाद नहीं रह पाएगा। पुलिस ने इसके लिए तैयारी भी शुरू कर दी है। वहीं, मुंबई पुलिस भी तारिक और उसके दोस्त की तलाश कर रही है। ऐसे में उसके जमानत की सूचना पुलिस को देकर उन्हें लखनऊ बुला लिया गया है। अब तारिक के जेल से बाहर निकलने का इंतजार किया जा रहा है, ताकि उसे तुरंत पकड़ा जा सके।
एसएसपी यशस्वी यादव ने कहा कि लखनऊ पुलिस सेशन कोर्ट के इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देगी। इसके लिए पुलिस ने प्रशासन के पास मामला भेजा गया है। तारिक की बेल भले ही मंजूर हो गई हो, लेकिन पुलिस ने इस मामले में पूरी पैरवी की है।
क्या था मामला
यूपी पुलिस ने अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद के गुर्गे तारिक परवीन को बीते दिनों गिरफ्तार किया था। प्रभारी जिला जज राम आसरे सिंह ने तारिक परवीन और उसके साथी मो. उस्मान मुबारक को जमानत दे दी है। हालांकि, कोर्ट ने दोनों को देश से बाहर जाने पर रोक लगा दी है। इसके अलावा कोर्ट ने दोनों को एक-एक लाख रुपए जमानत दाखिल होने पर उन्हें रिहा करने के आदेश दे दिया है।
क्यों थी तलाश
बीते 2 जून 1999 को हजरतगंज के लक्ष्मी गेस्ट हाउस से कुछ अपराधियों को गिरफ्तार किया गया था। उनके पास से आपत्तिजनक दस्तावेज और असलहे मिले थे। पूछताछ में इन आरोपियों ने तारिक परवीन और मुबारक का नाम लिया था। तारिक को मुंबई पुलिस ने हाल ही में पकड़ा था। वहीं, मुबारक को लखनऊ में गिरफ्तार किया गया था।
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