फोटो: आलमबाग स्थित चंदन नगर गेट के सामने पटरी दुकानदारों की भीड़ और लगा जाम।
लखनऊ. राजधानी के पटरी दुकानदारों में बगावत की चिंगारी सुलग रही है। मेट्रो के प्राइमरी रूट नहरिया से आलमबाग के बीच पटरी दुकानदारों की वजह से सड़क पर भीषण जाम लग रहा है। इस वजह से मेट्रो के काम में रुकावट आ रही है। प्रशासन अब इन पटरी दुकानदारों को यहां से खदेड़ने की तैयारी करने में जुट गया है। वहीं, दुकानदार कहते हैं कि 'हमें सड़कों पर दुकान लगाने की इजाजत तो पुलिस ही देती है, तो अब ये दुकानें अवैध कैसे हो गईं?'
लखनऊ मेट्रो का काम अभी ढंग से शुरू भी नहीं हो पाया है और रुकावटों की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। नहरिया से आलमबाग के बीच में करीब 300 पटरी दुकानदार हैं। इनकी अस्थाई और कुछ स्थाई दुकानें मेट्रो के काम में रोड़ा बन रही हैं। ऐसे में जब प्रशासन ने इन्हें हटाने की चेतावनी दी है तो दुकानदार भी बगावत करने पर उतर आए हैं।
करीब साठ साल से ऊपर की उम्र वाले राम खिलावन का एक चाट का ठेला है। चंदन नगर गेट के सामने इनका ठेला लगता है। इन्हें प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जल्द से जल्द अपना ठेला यहां से हटा लो। वहीं, पिछले 20 साल से चंदन नगर गेट के सामने ताले-चाभी की दुकान लगा रही साधना कहती हैं कि 'मेरी पूरी जिंदगी यहीं गुजरी है। मैंने अपना बेटा और पति यहीं खो दिया।' यहां दुकान लगाने के लिए हम सभी पुलिस वालों को पैसा भी देते हैं। ऐसे में अब दुकानों को हटाए जाने से सैकड़ों लोगों की रोजी-रोटी छिन जाएगी।
मेट्रो की भी अपनी मजबूरी
लखनऊ मेट्रो का काम शुरू हो चुका है। साल 2017 में इस काम को पूरा कर देना है। ऐसे में जोर-शोर से काम चालू है लेकिन कुछ अड़चनें भी आ रही हैं। मेट्रो के प्राइमरी रूट नहरिया से लेकर आलमबाग तक मेट्रो की लाइन बिछाई जानी है। इस दौरान यहां करीब 300 पटरी और अन्य पक्की दुकानों की वजह से यहां भीषण लगता है। इस वजह से मेट्रो का काम सामान्य से भी कम गति से हो रहा है। कभी-कभी तो काम को रोकना भी पड़ता है। ऐसे में दुकानदारों को हटाया जाना एक मजबूरी बन गया है।
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