लखनऊ. विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन यूपी के तहत शुक्रवार को अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर राजधानी में विरोध-प्रदर्शन करने पहुंचे सैकड़ों शिक्षकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान लोग जाम से बेहाल रहे और घंटों अफरा-तफरी का माहौल रहा। जानकारी के अनुसार, इन शिक्षकों को तय कार्यक्रम के तहत चारबाग से पैदल मार्च करते हुए विधान भवन के सामने धरना प्रदर्शन करना था। हालांकि, जैसे ही ये लोग रवींद्रालय से निकले वहां पहले से मौजूद पुलिस कर्मियों ने उन्हें तत्काल गिरफ्तार कर लिया। सभी को वाहनों में भरकर पुलिस लाइन के लिए ले जाया गया। प्रदर्शन को देखते हुए विधान भवन पर भारी सुरक्षा बल तैनात था।
बताते चलें कि विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों ने शुक्रवार की सुबह से ही राजधानी में अपना डेरा जमाना शुरू कर दिया था। इसको लेकर प्रशासन ने भी अपनी पूरी तैयारी कर रखी थी। शिक्षकों ने चारबाग़ स्टेशन से जैसे ही अपने नेता संजय तिवारी के साथ विधान सभा की ओर जाने के लिए कूंच की, मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने उन्हें खदेड़ते हुए हल्का बल प्रयोग कर केकेसी चौराहे से सभी को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान शिक्षकों ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सीएम को सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से भेजा।
महिला शिक्षकों ने लगाया पुलिस पर गुंडागर्दी का आरोप
दूसरी ओर, महिला शिक्षकों ने पुलिस पर गुंडागर्दी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हम अपनी हक के लिए लड़ रहे हैं, लेकिन पुलिस उन पर तानाशाही दिखा रही है। इस दौरान चारबाग के आसपास अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वहीं, पुलिस प्रशासन का कहना था कि शिक्षकों ने इसकी इजाजत नहीं ली है, इसलिए उन्हें यहां आने से रोका गया। सभी शिक्षकों को चारबाग से ही गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिसिया कार्यवाही के दौरान लगा घंटों जाम
जब धरना-प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों को को पुलिस पकड़-पकड़कर गाड़ी में ठूंसा रही थी, उस दौरान चारबाग में जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। बताते चलें कि चारबाग में वैसे भी रोज जाम की स्थिति बनी रहती है, वहीं धरना-प्रदर्शन और पुलिसिया कार्यवाही से लोगों को घंटों जाम में जूझना पड़ा। शिक्षकों को रविंद्रालय से लेकर केकेसी तिराहा तक गिरफ्तार किया गया। इस दौरान लोगों को अपनी गाड़ी निकालने में काफी मश्ककत करनी पड़ी।
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