लखनऊ. राजधानी के आशियाना इलाके में प्रापर्टी से संबंधित एक फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां एक किराएदार ने मालिक बनकर फर्जी दस्तावेजों के सहारे मकान दूसरे को बेच दिया। मामले का खुलासा तब हुआ जब मकान मालकिन सुधा दिल्ली में अपने पति का इलाज कराकर वापस लौटीं। सोमवार को उन्होंने इस बाबत थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
सुधा ने दिसंबर 2006 में सेक्टर-डी एलडीए, कानपुर रोड में एक मकान खरीदा। इसके बाद उन्होंने मकान को शांहजहांपुर निवासी राजेंद्र कुमार सक्सेना किराए पर दे दिया। इस दौरान सुधा के राजेंद्र के परिवार से अच्छे संबंध हो गए। वहीं, राजेंद्र ने सुधा से अपनी जरूरत के नाम पर काफी रुपए उधार भी लिए थे। इसके बाद फर्जी कागजात पर सुधा की साइन बनाकर मकान अपने नाम कर लिया।
पति का इलाज कराने गई थीं दिल्ली
इसी साल अप्रैल महीने में सुधा को अपने पति की हार्ट संबंधी बीमारी के चलते इलाज के लिए दिल्ली जाना पड़ा। इसके बाद जब वह जून में वापस लौटीं तो मकान पर ताला पड़ा देख सन्न रह गईं। धोखाधड़ी की आशंका होते ही वह रजिस्ट्रार ऑफिस पहुंची और मकान के कागजात निकलवाए। कागजात मे राजेंद्र की पत्नी कुसुम लता सक्सेना के नाम रजिस्ट्री देखकर वह अपने साथ हुए धोखे को समझ गईं। इसके बाद सोमवार को वह आशियाना थाना पहुंची और राजेंद्र, उसकी पत्नी कुसुम, बेटे अमित,बहू शिवानी और भाई चंद्र प्रकाश सक्सेना के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया।
इंस्पेक्टर आशियाना सुधीर कुमार गुप्ता ने बताया की मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच की जा रही है। जो भी सच सामने आएंगे उसके आधार पर कर्रवाई की जाएगी। फिलहाल, आरोपी की तलाश की जा रही है।
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