लखनऊ. ‘विश्व के मुख्य न्यायाधीशों का 15वां अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन’ सी.एम.एस. कानपुर रोड ऑडिटोरियम में शुक्रवार से शुरू हुआ। इस अवसर पर न्यायाधीशों ने एक सुर में कहा कि समूचा विश्व अंतर्राष्ट्रीय कानून से जुड़ जाए तो आतंकवाद को खत्म किया जा सकता है। इसमें 4 देशों के पूर्व राष्ट्रपतियों और 60 देशों के 250 से अधिक मुख्य न्यायाधीशों, न्यायाधीशों और कानूनविदों ने विश्व के ढाई अरब बच्चों की आवाज बुलंद की।
समारोह के मुख्य अतिथि और दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति कगामा मोटलैन्थे ने दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया। इसकी अध्यक्षता प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय ने की जबकि लखनऊ के मेयर डॉ. दिनेश शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस अवसर पर दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति कगामा मोटलैन्थे, रोमानिया के पूर्व राष्ट्रपति एमिल कान्सटेन्टिन्जू, अल्बानिया के पूर्व राष्ट्रपति रेक्सेप मेदानी और क्रोएशिया के पूर्व राष्ट्रपति स्टीपन मेसिक विशेष रूप से मौजूद थे। इसमें देश-विदेश से पधारे न्यायाधीशों को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर क्रोएशिया के पूर्व राष्ट्रपति स्टीपन मेसिक ने सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति ए.पी. मिश्रा को ‘महात्मा गांधी पीस विजनरी अवार्ड’ प्रदान कर सम्मानित किया। रोमानिया के पूर्व राष्ट्रपति एमिल कान्सटेन्टिन्जू ने सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति नेल्ली रोकोटोबे को ‘मदर टेरेसा सर्विस टु हयूमैनिटी अवार्ड’ देकर सम्मानित किया। इसके अलावा मेयर डॉ. दिनेश शर्मा ने इजिप्ट के डिप्टी चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति डॉ. आदेल ओमर शेरीफ को ‘लखनऊ नगर की चाभी’ भेंटकर सम्मानित किया।
सम्मान समोरह से पहले सी.एम.एस. गोमती नगर के छात्रों ने स्कूल प्रार्थना ‘आई बियर विटनेस ओ माई गॉड’ प्रस्तुत की। इसके बाद सी.एम.एस. छात्रों ने विश्व के ढाई अरब बच्चों का प्रतिनिधित्व करते हुए ‘वर्ल्ड पार्लियामेंट’ का प्रदर्शन कर विश्व संसद एवं प्रभावशाली अंतर्राष्ट्रीय कानून-व्यवस्था की पुरजोर वकालत की।
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