फाइल फोटोः अमर सिंह संसद भवन के परिसर में गाड़ी से उतरते हुए।
लखनऊ/वाराणसी. संसद पर आतंकी हमले के दौरान पूर्व राज्य सभा सांसद अमर सिंह ने मौत को बेहद करीब से देखा था। उस समय उन्होंने गाड़ी के अंदर ही लेटकर जान बचाई थी। आतंकवादियों की गोलियां इस तरह चलती थीं कि ऐसा लगता था कि वह उनके शरीर को छू कर निकल रहीं हैं। ये बातें अमर सिंह ने dainikbhaskar.com को कुछ दिन पहले ही बताई थी।
अमर सिंह के मुताबिक, 13 दिसंबर 2001 हमारे देश का सबसे काला दिन था, जब आतंकियों ने संसद को निशाना बना लिया था। भले ही संसद हमले के मुख्य आरोपी अफजल गुरु की फांसी हो गई है, लेकिन हर भारतीय को वो मंजर आज भी याद है। इस हमले के चश्मदीद रहे अमर सिंह उस भयावह मंजर को खुद बयान किया है।
अमर सिंह कहते हैं, 'संसद के मुख्य द्वार के ठीक पहले मेरी गाड़ियों पर आतंकियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, मुझे पहले समझ में नहीं आया कि क्या हुआ। जब गाड़ी के शीशे तोड़कर गोलियां अंदर आने लगी, तो मुझे मौत बिलकुल करीब दिख रही थी। उस वक्त गाड़ी के अंदर ही लेट गया और किसी तरह जान बचाया।
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