लखनऊ. यूपी को एक बार फिर सांप्रदायिक दंगों में झोंकने की साजिश हो रही है। यहां साजिश कोई सांप्रदायिक ग्रुप नहीं बल्कि आतंकी संगठन करने की फिराक में है। यूपी पुलिस की इंटेलिजेंस यूनिट ने राज्य के गृह विभाग को इस बाबत एक रिपोर्ट भेजी है। इस रिपोर्ट के बाद त्योहारों के मौसम को देखते हुए यूपी पुलिस ने सूबे में सुरक्षा के विशेष प्रबंध शुरू कर दिए हैं। गृह विभाग के अधिकारी त्योहारों के मद्देनजर पहले से ही हर जोन की वीडियो कांफ्रेंसिंग कर रहे हैं। गृह विभाग ने सभी जिले के कप्तानों को मंदिरों मेलों और धार्मिक जुलूसों के निकलते वक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।
आईजी लॉ एंड आर्डर ए. सतीश गणेश के मुताबिक, शिवरात्रि पर कांवड़ यात्रा की सुरक्षा के लिए दस कंपनी रैपिड एक्शन फोर्स और 31 कंपनी पीएसी की लगाई जा रही है। कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा के लिए यूपी के लखनऊ, कानपुर, आगरा, बरेली, इलाहाबाद, मेरठ, गोरखपुर और वाराणसी के आइजी जोन को निर्देश दिए गए हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान अक्सर पैदल चलने वाले कांवड़िए उल्लास में उत्साह बढ़ाने के लिए धार्मिक नारे और धार्मिक गीत गाते हुए चलते हैं।
इस दौरान कई बार कुछ कांवड़ियों द्वारा आपत्तिजनक भाषा के प्रयोग करने के मामले भी सामने आए हैं। सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए पुलिस ने संवेदनशील जिलों की पिछले पांच सालों की रिपोर्ट स्टडी की है ताकि घटनाओं के पैटर्न को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था की जा सके।
शिवरात्रि के दौरान यूपी में कांवरियों की यात्रा निकलती है और पूरे महीने में यूपी के कोने-कोने से कांवरिए उत्तराखंड के हरिद्वार और झारखंड के बाबाधाम में जल चढ़ाने जाते हैं। इस दौरान यूपी के सभी मुख्य मार्गों पर कांवरियों की भीड़ होती है। इससे पहले भी यूपी में कांवड़ यात्रा के दौरान असामाजिक तत्वों ने गड़बड़ी फैलाई है, जिसका नतीजा सांप्रदायिक दंगों के रूप में सामने आया है।
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