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वाराणसी से हल्दिया तक गंगा में चलेंगे जहाज, जानिए क्‍या होगा किराया

5 वर्ष पहले
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लखनऊ. वाराणसी और हल्‍दिया (कोलकाता) के बीच गंगा नदी में बहुत जल्‍द ही जहाज चलने लगेंगे। किराया सबसे सस्‍ता होगा, ताकि आम लोग भी सफर कर सकेंगे। ये बातें लखनऊ पहुंचे केंद्रीय परिवहन, राजमार्ग और शिपिंग यातायात मंत्री नितिन गडकरी ने कही।
प्रति किमी ये होगा किराया
-उन्होंने बताया कि जलमार्ग से सफर करना सबसे सस्ता पड़ेगा।
-किराया 15 से 20 पैसे प्रति किलोमीटर पड़ेगा।
-अभी ट्रेन से सफर करने में करीब एक रुपए प्रति किमी और सड़क मार्ग से डेढ़ रुपए प्रति किमी का खर्च आता है।
गंगा होगी स्‍वच्‍छ, मिलेगा रोजगार
-उन्‍होंने कहा कि गंगा नदी को स्वच्छ करने के साथ-साथ रोजगार का साधन भी बनाया जाएगा।
-वाराणसी से लेकर हल्दिया तक वाटरड्राफ्ट बनाए जा रहे हैं। इससे गंगा में हमेशा कम से कम 3 मीटर पानी रहेगा।
-इसके लिए हमने दुनिया के जाने-माने 10 कन्सल्टेंट से सलाह ली थी। -वाटरड्राफ्ट बनाने का काम हॉलैंड की कंपनी कर रही है।
गंगा में बनेगा 30 वाटर पोर्ट
-नितिन गडकरी ने बताया कि इसके साथ ही 25 माल टर्मिनल भी बनाए जाएंगे।
-रिवर ट्रैफिक सिस्टम और रिवर इन्फॉर्मेशन सिस्टम को भी डेवलप किया जा रहा है।
-हल्दिया से फरक्का तक रिवर ट्रैफिक सिस्टम का काम किया जा चुका है।
-इसके साथ ही पांच शहरों को रो-रो सर्विस से जोड़ेंगे।
क्‍या है रो-रो सर्विस
रो-रो (रोल ऑन और रोल ऑफ) एेसी सेवा है, जिसके तहत विभिन्‍न सामानों से भरी ट्रक या अन्‍य वाहन को सीधे जहां लोड करना होता है, वहीं पहुंचा दिया जाता है। बदंरगाह पर ये सेवा उपलब्‍ध होती है। इससे माल की ढुलाई सस्‍ता पड़ता है।
5 हजार टन तक होगी कैपिसिटी
-जहाजों की कैपिसिटी कम से कम 5 हजार टन तक माल ढोने की होगी। वहीं वाटर बस भी चलाई जाएंगी।
-इससे पर्यटन को तो बढ़ावा मिलेगा ही, साथ ही हमारे व्यापारिक गतिविधियों के लिहाज से भी सुविधाजनक होगी।
-गंगा की इस परियोजना पर करीब 3000 हजार करोड़ रुपए का खर्च किए जा रहे हैं।
100 से ज्‍यादा नदियां जोड़ने का है प्रस्‍ताव
-नितिन गडकरी ने बताया कि देश की करीब 100 से ज्यादा नदियों को जलमार्ग में तब्दील करने का प्रस्ताव बनाया गया है।
-इसमें राज्य की चंबल, गंडक, गोमती, यमुना और बेतवा आदि नदियां शामिल हैं।
-इसके लिए एक विधेयक राज्य सभा में पेश किया जाएगा।
-अभी तक 5 नदियों के कुछ भाग को जलमार्ग के तौर पर घोषित किया गया है। इनमें से 3 पर काम भी चल रहा है।
-इसके जरिये हम बांग्लादेश और म्‍यांमार से भी व्यापार कर सकेंगे।
आगे की स्‍लाइड्स में देखिए, रो-रो सर्विस की फोटोज...
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