सीएम अखिलेश यादव की फाइल फोटो।
लखनऊ. मंगलवार को यूपी उपचुनाव के आए नतीजों के बाद बीजेपी के खेमे में सन्नाटा तो सपा कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर देखने को मिली। सपा की जीत पर सीएम अखिलेश ने कहा 'डूब गया
लव जिहाद, जीत गया समाजवाद।' मोदी लहर को ध्वस्त करते हुए सपा सुप्रीमो मुलायम ने साइकिल को सरपट दौड़ाया। 11 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में बीजेपी ने 3 और सपा ने 8 सीटों पर कब्जा किया है। उपचुनाव के आए नतीजों ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष
अमित शाह की रणनीति पर सवाल खड़ा कर दिया है। वहीं, बीजेपी के दिग्गज नेताओं की साख भी गिरी है।
साल 2012 में हुए विधानसभा चुनावों में मैनपुरी सीट को छोड़कर सभी दस सीटों पर बीजेपी ने जीत हासिल की थी। बीजेपी के ये सभी प्रत्याशी बीते आम चुनाव में सांसद बन गए। सहारनपुर, नोयडा और लखनऊ पूर्वी को छोड़कर सभी सीटों पर बीजेपी को निराशा हाथ लगी है। हालांकि, इन नतीजों के बाद यूपी में बीजेपी की रणनीति में बड़ा फेरबदल हो सकता है।
कम वोटिंग वाले सीटों पर बीजेपी जीती
कहा जाता है कि अगर वोटिंग फीसदी ज्यादा है तो बीजेपी के जीतने के आसार भी बढ़ जाते हैं। बीता आम चुनाव इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण है। लेकिन यूपी उपचुनाव में ठीक इसका उल्टा हुआ। कम वोटिंग वाले सीटों पर बीजेपी ने जीत दर्ज की है। यूपी उपुचनाव में कुल 53.18 फीसदी वोट पड़े थे। सबसे कम फीसदी मतदान वालों में नोयडा 32.40 फीसदी, सहारनपुर 54 फीसदी और लखनऊ पूर्वी में 34 फीसदी रहा। इन तीनों सीटों पर बीजेपी ने जीत दर्ज की।
साल 2012 विधानसभा चुनाव में मजबूत थी बीजेपी
साल 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में वोटिंग प्रतिशत और बीजेपी की स्थिति दोनों काफी बेहतर थी। इस क्रम में सहारनपुर नगर में 62.90फीसदी, बिजनौर 65.88 फीसदी, मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा में 71.19 फीसदी, गौतमबुद्ध नगर के नोयडा में 48.98 फीसदी, खीरी के निघासन में 64.31 फीसदी, लखनऊ पूर्वी में 53.13 फीसदी, हमीरपुर में 59.97 फीसदी, महोबा के चरखारी में 61.43 फीसदी, कौशांबी के सिराथू में 58.88 फीसदी, बहराइच के बलहा में 60.97 फीसदी और वाराणसी के रोहनिया में 60.35 फीसदी वोटिंग हुई थी।
आगे पढ़िए मोदी मैजिक के सहारे बैठे दिग्गजों की कटी नाक...