चीफ सेक्रेटरी आलोक रंजन की फाइल फोटो।
लखनऊ. मेट्रो प्रोजेक्ट के चलते होने वाले ट्रैफिक डायवर्जन से आम जनता को अनावश्यक परेशानी न हो, इस बाबत यूपी के चीफ सेक्रेटरी अलोक रंजन ने अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि मेट्रो के लिए ट्रैफिक डायवर्जन विशेष परिस्थति में उसी एरिया में किया जाए, जहां मेट्रो कार्य के लिए आवश्यकता हो। ये बातें अलोक रंजन ने सोमवार को एनेक्सी स्थित ऑफिस में मेट्रो प्रोजेक्ट के कार्य प्रगति की समीक्षा करने के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि मेट्रो के निर्माण के चलते लखनऊ में होने वाली ट्रैफिक की समस्या का प्राथमिकता से समाधान करने के लिए दो से तीन के दिन के अंदर डीएम, एसएसपी, नगर आयुक्त और मेट्रो सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौके पर जाकर इंस्पेक्शन करें। उन्होंने निर्देश दिया कि अधिकारी मौके पर पहुंचकर वहां होने वाली समस्याओं को चिन्हित कर उसका समाधान सुनिश्चित करें।
मेट्रो प्रोजेक्ट का काम समय से हो पूरा
अलोक रंजन ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि मेट्रो प्रोजेक्ट सीएम अखिलेश की सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इस ड्रीम प्रोजेक्ट को समय से पूरा करने के लिए व्यापारियों और आम जनता का सहयोग ट्रैफिक समस्या के समाधान के लिए प्राप्त करने का हर संभव कोशिश करें। उन्होंने निर्देश दिया कि लखनऊ मेट्रो का काम निर्धारित अवधि में पूरा कराने के लिए प्रोजेक्ट के लिए निश्चित किए गए समय का पूरा ध्यान रखा जाए।
खाली जमीन मेट्रो के लिए उपलब्ध कराई जाए
चीफ सेक्रेटरी अलोक रंजन ने लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के स्टाफ के लिए रिहाइश के लिए बनने वाली कॉलोनी के लिए खाली पड़ी संपूर्णानंद कारागर प्रशिक्षण संस्थान की जमीन का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस खाली पड़ी भूमि को मेट्रो स्टाफ कॉलोनी के निर्माण के लिए उपलब्ध कराने के लिए उसका इंस्पेक्शन संबंधित अधिकारियों की टीम संयुक्त रूप से करे और इसका रिपोर्ट शासन को भेजें।
चीफ सेक्रेटरी ने कहा कि लखनऊ विकास प्राधिकरण के वाइस चेयरमैन अगले 10 दिनों में लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना के ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर के लिए जमीन एलॉटमेंट के ऑर्डर जारी करें। बताते चलें कि ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर के लिए सहकारिता भवन के पीछे की जमीन मेट्रो को आवंटित की जानी है।
आगे पढ़िए आलोक रंजन ने कहा- कास्टिंग यार्ड के लिए एअरपोर्ट अथॉरिटी से बात करें अधिकारी…