लखनऊ. राजधानीवासियों के लिए जलदायिनी कही जाने वाली गोमती नदी बहुत जल्द ही नए स्वरुप में नजर आएगी। अब लोग गोमती नदी में वॉटर टैक्सी का मजा ले सकेंगे। इसके साथ ही नदी के किनारे आप साइकिल ट्रैक पर साइकिलिंग का भी आनंद ले सकते हैं। सिंचाई विभाग ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है। इतना ही नहीं गोमती नदी में कभी पानी की कमी न हो, इसके लिए भी योजना बनाई जा रही है।
सिंचाई विभाग के इंजीनियर रूप कुमार यादव ने बताया कि पहले फेज में करीब 600 करोड़ रुपए की लागत से गोमती का ब्यूटीफिकेशन करने की योजना है। नदी को करीब साढ़े पांच फीट गहरा किया जाएगा। इसके साथ ही सौ मीटर की चौड़ाई में दोनों तरफ एक वॉल बनाई जाएगी। वहीं दो बांध भी बनाए जाएंगे। नदी के किनारे साइकिल ट्रैक भी बनाए जाएंगे ताकि लोग पानी की लहरों के साथ साइकिलिंग का भी मजा ले सकें।
मनोरंजन को ध्यान में रखते हुए गोमती नदी के किनारे बने पार्क को भी डेवलप किया जाएगा। रूप कुमार ने बताया कि पार्क को इस तरह से विकसित किया जाएगा कि यहां लोग मनोरंजन के साथ-साथ वॉकिंग भी कर सकें। वॉटर टैक्सी के अलावा बोटिंग की भी सुविधा दी जाएगी। उन्होंने बताया कि राजधानी में करीब 26 किलोमीटर तक गोमती नदी बहती है, लेकिन हम करीब 19 किलोमीटर तक गोमती नदी का सौंदर्यीकरण करेंगे।
उन्होंने बताया कि पहले फेज में पक्का पुल से लामार्ट तक नदी का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इसमें करीब 600 करोड़ रुपए खर्च आएगा। गोमती नदी में पानी की कमी न रहे इसके लिए शारदा कैनाल की लखनऊ और खीरी की ब्रांच को जोड़ा जाएगा। ये दोनों ब्रांच अल्टरनेटिव तरीके से चलती हैं। इसके पीछे विभाग की मंशा है कि यदि एक बंद होगी तो दूसरे से गोमती को पानी मिलता रहेगा। ऐसे में गोमती को पानी की कमी नहीं होगी।
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