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UP POLICE: सीएम कुछ कहते हैं, तस्वीरें कुछ कहती हैं

5 वर्ष पहले
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लखनऊ. यूपी पुलिस आम लोेगों के साथ कैसा बर्ताव करती है, इसकी एक तस्वीर शनिवार को राजधानी लखनऊ में नजर आई। यहां हजरतगंज जीपीओ इलाके में सड़क किनारे टाइपिंग का काम करने वाले एक बुजुर्ग से एक पुलिस इंस्पेक्टर ने मारपीट की। महज 50 रुपए रोजाना कमाने वाले 65 साल के बुजुर्ग इंस्पेक्टर के सामने हाथ जोड़ते रहे। लेकिन इंस्पेक्टर ने उनका टाइपराइटर तक तोड़ दिया। हालांकि, बाद में बुजुर्ग ने इंस्पेक्टर को यह कहते हुए माफ कर दिया कि मैं भी बाप हूं। (पेट पर लात मारने वाले इंस्‍पेक्‍टर को बुजुर्ग ने किया माफ, कहा- 'मैं भी बाप हूं')
जब यह घटना हुई तब dainikbhaskar.com का फोटो जर्नलिस्ट वहीं मौजूद था। अपनी हरकत को कैमरे में कैद होता देख इंस्पेक्टर ने फोटो जर्नलिस्ट को धमकी भी दी, लेकिन dainikbhaskar.com पर यह खबर आते ही लखनऊ पुलिस हरकत में आ गई। इंस्पेक्टर की फोटोज़ सोशल मीडिया पर शेयर हो गईं। देर रात यूपी के सीएम अखिलेश यादव ने डीएम और एसएसपी को बुजुर्ग के घर जाकर एक नहीं, बल्कि दो-दो टाइपराइटर सौंपने का फरमान दिया। इस बीच, बुजुर्ग के साथ बदसलूकी कर रहे इंस्पेक्टर की फोटोज़ को परिणीति चोपड़ा जैसी हस्ती ने भी री‌-ट्वीट किया। (आगे की स्लाइड्स में 10 फोटोज़ में देखें कैमरे में कैद इंस्पेक्टर की बदसलूकी)
क्‍या है मामला?
शनिवार को सचिवालय थाना इंचार्ज और इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार जीपीओ चौराहे पर पहुंचे। वे सड़क किनारे दुकान चलाने वालों का सामान तोड़ने लगे। इसी दौरान वहां एक बुजुर्ग टाइपि‍स्‍ट कृष्‍ण कुमार का टाइपराइटर उठाकर उन्‍होंने फेंक दिया। बुजुर्ग टाइपि‍स्‍ट हाथ जोड़कर अपनी रोजी-रोटी की दुहाई देते रहे, लेकि‍न इंस्पेक्टर ने इसे अनसुना कर दि‍या। सड़क किनारे चाय लगाने वालों के बर्तन भी फेंक दिए। इससे वहां रखा दूध फैल गया।
इंस्पेक्टर ने फोटो जर्नलिस्ट को क्या दी धमकी?
इस दौरान इस घटना को कैमरे में कैद कर रहे dainikbhaskar.com के फोटो जर्नलिस्ट को इंस्पेक्टर ने धमकाया। उन्होंने पहले फोटोज डिलीट करने को कहा। बाद में कहा, "मेरा नाम बड़े-बड़े अक्षरों में लिखना, ताकि एसएसपी भी मेरे बारे में जान सकें।" बताते चलें कि जीपीओ के किनारे लगी दुकानों को सिर्फ मायावती का काफिला जाते समय ही हटाया जाता था। सपा सरकार में यह पहला मौका है, जब इंस्पेक्टर ने सड़क किनारे रोजी-रोटी कमाने वाले गरीब लोगों को हटाने की कोशिश की।
क्या हुआ असर?

इस खबर के बाद इंस्पेक्टर की फोटो सोशल मीडिया पर जमकर शेयर हुई। इसके बाद लखनऊ के एसएसपी राजेश पांडे ने इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार को तत्‍काल प्रभाव से सस्‍पेंड कर दि‍या। वहीं, सीएम अखिलेश यादव ने भी मामले का संज्ञान लिया। सीएम के निर्देश पर डीएम राजशेखर और एसएसपी पांडे ने पीड़ि‍त बुजुर्ग के गोमती नगर इलाके में मौजूद घर जाकर टाइपराइटर दिया।
एक नहीं दो-दो टाइपराइटर लेकर पहुंचे अफसर

डीएम इंग्लिश और हिंदी, दोनों लैंग्वेज के टाइपराइटर लेकर गए थे, लेकिन पीड़ित कृष्‍ण कुमार ने सिर्फ हिंदी का टाइपराइटर ही लिया। कृष्‍ण कुमार ने कहा कि उन्‍हें इंग्लिश का टाइपराइटर नहीं चाहिए। वे सिर्फ हिंदी टाइपिंग का काम करते हैं।
एसएसपी ने क्या कहा?

इस पूरे मामले में लखनऊ के एसएसपी राजेश पांडे ने कहा, "इंस्पेक्टर ने जो कि‍या वह गलत था। उन्‍हें ऐसा करने का अधि‍कार नहीं है। हमने उन्‍हें तत्‍काल प्रभाव से सस्‍पेंड कर दि‍या है। सीओ हजरतगंज अशोक कुमार वर्मा को जांच सौंपी गई है। वे एक हफ्ते के अंदर अपनी रि‍पोर्ट सौंपेंगे।"
एसपी ईस्‍ट ने भी इंस्पेक्टर की कार्रवाई को गलत बताया

एसपी ईस्‍ट राजीव मल्‍होत्रा ने कहा कि dainikbhaskar.com पर दिखाई गई तस्वीरें अपने आप में सारी कहानी बयां कर रही हैं। उन्‍होंने कहा कि पुलिस मैनुअल के मुताबिक, किसी भी तरह की प्रॉपर्टी को पुलिस नुकसान नहीं पहुंचा सकती, लेकिन इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार ने नियमों काे तोड़ा। उन्‍होंने कहा कि तस्वीरों में साफ है कि टाइपिस्ट इंस्पेक्टर से विनती कर रहे हैं, लेकिन इंस्पेक्टर ने उनकी एक न सुनी और तोड़फोड़ शुरू कर दी।
आगे की स्लाइड्स में 10 फोटोज़ में देखें : कैसे पुलिस इंस्पेक्टर ने बुजुर्ग के साथ की बदसलूकी और तोड़ा टाइपराइटर...

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