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यूपी में मुख्यमंत्री की नहीं सुनते अधिकारी, फिर कहा- ऑनलाइन करें शासनादेश

7 वर्ष पहले
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उद्यमियों की समस्याओं के समाधान कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (तस्वीर में)
  • क्यों ऑनलाइन से बच रहे हैं अफसर
  • ऑनलाइन शासनादेश कब हुआ जारी
लखनऊ. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आदेशों पर अफसर कितना अमल करते हैं, यह एक बार फिर रविवार को देखने को मिला। मुख्यमंत्री को दोबारा अधिकारियों को निर्देशित करना पड़ा कि एक मार्च से अबतक के शासनादेश को 30 सितंबर तक वेबसाइट http://esangrah.up.nic.in पर अपलोड कर दिया जाएं। यह आदेश मुख्यमंत्री ने पहले ही दे दिए थे।

समीक्षा बैठकों में रविवार को जब सीएम कार्य योजना की मॉनिटरिंग के निर्देश दे रहे थे, उसी समय अधिकारियों की पोल खुल गई। कई विभागों के शासनादेश वेबसाइट पर नहीं डाले गए हैं। निर्देश के बाद भी अधिकारी क्यों नहीं सुन रहे हैं, इस पर बिना गौर किए मुख्यमंत्री ने दोबारा 30 सितंबर तक शासनादेश की सभी प्रतियां पूरी तरह अपलोड करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री के शासनादेश में स्पष्ट है कि एक मार्च 2014 के बाद जारी किए गए हैं और सात मई 2014 को जारी कार्यालय ज्ञापन में निर्धारित विषय वस्तुओं से संबंधित हैं। उनकी कॉपी स्कैन करवाकर वेबसाइट http://esangrah.up.nic.in पर अपलोड की जाए।

ऑनलाइन शासनादेश का आदेश कब हुआ जारी
यूपी सरकार ने विकास का एजेंडा प्रचारित करने के लिए 17 फरवरी को एक शासनादेश जारी किया था। इसमें निर्देश दिए गए थे कि शासन के एजेंडा के अंतर्गत शासनादेशों को ऑनलाइन जारी करने और इंटरनेट पर अपलोड करने की जिम्मेदारी सचिवालय के सभी विभागों की है। ऑनलाइन जारी होने के बाद इसे वेबसाईट http://shasanadesh.up.nic.in पर और http://esangrah.up.nic.in पर देखा जा सकता है।
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