लखनऊ. यूपी के राज्यपाल राम नाइक ने कहा कि मानवाधिकार केवल कागज तक ही सीमित न रहे। इस पर अमल होना चाहिए। उन्होंने कुष्ठ रोगियों का हवाला देते हुए कहा कि तेरा-मेरा विचार करने का कोई कारण नहीं है। छोटे दिल वाले तेरा और मेरा सोचते हैं मगर उदार चरित्र वाले पूरी दुनिया को परिवार मानते हैं।
राज्यपाल विश्व मानवाधिकार दिवस के उपलक्ष्य में एक समाचार पत्र द्वारा आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल ने कहा कि कुष्ठ रोगियों की सेवा वास्तव में बड़ी सेवा है तथा उनके जो मानवीय अधिकार हैं उनकी रक्षा होनी चाहिए। समाज में अज्ञान के कारण लोग कुष्ठ रोग को छूत का रोग समझते हैं जबकि विज्ञान की प्रगति ने यह सिद्ध कर दिया है कि कुष्ठ रोग का इलाज संभव है।
ऐसे रोगियों को परिवार वाले भी अपने से दूर कर देते हैं। उनके सामने सिवाय भीख मांगने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता है। उन्होंने कहा कि इससे मानवाधिकार का हनन होता है और विशेषकर कुष्ठ पीड़ितों के अधिकार का हनन होता है।
कुष्ठ रोगियों के हितों का लें संकल्प
राज्यपाल ने कहा कि कुष्ठ पीड़ितों की समस्या दूर करने के लिए आम लोगों की भागीदारी जरूरी है। मानवाधिकार पर कुष्ठ पीड़ितो के दूख दूर करने का संकल्प लेना चाहिए। उनके सशक्तिकरण के लिए काम करने की जरूरत है। उनके साथ वैसा ही व्यवहार होना चाहिए जैसा एक मनुष्य दूसरे मनुष्य के साथ करता है।
नाइक ने कहा कि इमाम हुसैन के उसूलों के लिए दी गई अपनी शहादत बड़ी बात है। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में आचार्य श्री प्रमोद कृष्णम व पूर्व केन्द्रीय मंत्री आरिफ मोहम्मद खान भी उपस्थित थे।
राज्यपाल राम नाइक की फाइल फोटो।