लखनऊ/अलीगढ. प्रदेश में क्राइम का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है ऐसे में अलीगढ जिला भी बदत्तर कानून व्यवस्था से दो चार हो रहा है। हत्या, लूट, डकैती और बलात्कार की घटनाएं लगातार अलीगढ जिले में बढ़ रही हैं, लेकिन जिले के पुलिसकर्मी इन घटनाओं को रोकने की बजाय मच्छर मार रहे हैं।
यह हम नहीं बल्कि तस्वीरें खुद बयां कर रही है कि यहां पुलिसकर्मी इलेक्ट्रॉनिक रैकेट लेकर किस कदर मच्छर मारने में मशगूल हैं। बहरहाल, इस खबर के मीडिया में आने के बाद जिलाधिकारी राजीव रोतेला ने जहां इस पूरे मामले पर अपनी सफाई पेश करते हुए बताया कि पुलिस कर्मियों को जिलाधिकारी कार्यालय से हटा दिया गया है।
दरअसल, अलीगढ जिले के जिलाधिकारी कार्यालय में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। इसलिए जिलाधिकारी कार्यालय पर पिस्तौल और बन्दूक से नहीं बल्कि इलेक्ट्रॉनिक रैकेट से लैस पुलिसकर्मियों को लगाया गया था। जो जिलाधिकारी के कार्यालय में मच्छरों को घुसने से रोक रहे थे।
वहीं, इस मामले पर पूर्व कांग्रेस सांसद चौधरी बिजेन्द्र सिंह कहते हैं कि यथा राजा तथा प्रजा, पूरी की पूरी समाजवादी पार्टी ही कीटाणु ग्रस्त हो गई है। कहीं विशेष प्रकार के कीटाणु जिलाधिकारी के पास न पहुंच जाए इसलिए मच्छर भगाने के लिए दो सिपाही लगा दिए गए हैं। अगर इन दो सिपाहियों को जनता की सुरक्षा के लिए लगाया जाता तो हो सकता था कि कुछ घटनाएं न हो पाती।
जिलाधिकारी राजीव रोतेला के इस कृत्य से ऐसा नहीं है कि सिर्फ विरोधी पार्टियां ही नाराज हैं बल्कि उन पर समाजवादी पार्टी के विधायक हाजी जमीरउल्लाह भी काफी नाराज दिखे। उनका कहना है कि जिलाधिकारी के इस आचरण से लगता है कि वह जनता के सेवक न होकर कोई राजा महराजा हों। इस तरह का आचरण कहीं न कहीं समाजवादी सरकार को बदनाम करने की कोशिश है।
बहरहाल इस पूरे मामले पर जिलाधिकारी राजीव रोतेला ने सफाई पेश की और बताया की इस काम से सिपाहियों को हटा दिया गया है। आपकों बता दे कि राजीव रोतेला प्रमोटी आईएएस हैं। उन्हें पहली बार जिलाधिकारी का चार्ज मिला है और पिछले दिनों शहीदों के अपमान पर विद्यार्थी परिषद् के छात्रों द्वारा इनके पुतले भी फूंके गए थे।
आगे देखें किस तरह पुलिस वाले मच्छर मारने में मस्त हैं...