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VAT कलेक्शन में 10% हाइक: कॉमन मैन पर नहीं होगा असर, इसे ऐसे समझें

5 वर्ष पहले
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लखनऊ. यूपी सरकार ने शुक्रवार को समाजवादी रंग में रंगा हुआ साल 2016-17 का बजट पेश किया। इसमें 10% वैट कलेक्शन बढ़ा दिया गया है। dainikbhaskar.com ने इसपर एक्सपर्ट से बात की और जाना कैसे कॉमन मैन पर वैट कलेक्शन में बढ़ोतरी का असर नहीं पड़ेगा।
जानिए कॉमन मैन को क्यों नहीं घबराने की जरूरत...
- लखनऊ टैक्स लॉयर्स एसोसिएशन के एक्जीक्यूटिव मेंबर आशीष त्रिपाठी ने बताया कि सरकार ने बजट में जो वैट कलेक्शन में 10% हाइक की बात की है, उससे आम आदमी पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
- उनके मुताबिक, सरकार का 10% हाइक से मतलब वैट कलेक्शन से है।
- अब व्यापारी वर्ग के वैट चोरी में कमी आएगी, क्योंकि अधिकारियों का वैट कलेक्शन का टारगेट 10 फीसदी बढ़ा है।
- अभी तक वैट कलेक्शन का टारगेट 43% था, जिसे 10% बढ़ाकर 53% कर दिया गया है।
- अब व्यापारियों पर अधिकारियों का ज्यादा दबाव पड़ेगा।
- इसमें अब ध्यान देने वाली बात यह है कि कहीं टारगेट पूरा करने की आड़ में अधिकारी वर्ग व्यापारियों का शोषण न करने लगे।
- अब तक यूपी में आम तौर पर 14.5% वैट की रेट है, इसी के मुताबिक कॉमन मैन की ट्रेडिंग जारी रहेगी।
अचीव नहीं हुआ है पुराना टारगेट
- सीनियर जर्नलिस्ट सिद्धार्थ कलहंस ने बताया कि सरकार हमेशा वैट कलेक्शन की दर 10% से ज्यादा ही बढ़ाती आई है, लेकिन कभी भी वैट कलेक्शन के लक्ष्य को 100% अचीव नहीं किया गया।
- इस बार 10% बढाने की वजह नए पेट्रोलियम प्रोडक्टस के नए एवेन्यूज का न खुलना है।
-वैट कलेक्शन के इस 10% हाइक से आम आदमी और महंगाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा। व्यापारी वर्ग को जरूर वैट चोरी नहीं करने दी जाएगी।
-सरकार वैट कलेक्शन को बढ़ती आबादी के लिए डेवलपमेंटल एक्टिविटीज में लगाने के लिए यूज करती है।
- व्यापारी वर्ग को इससे डरना नहीं चाहिए और समय से वैट जमा करना चाहिए। क्योंकि हर साल आबादी बढने के साथ ही व्यापारियों का मार्केट और टर्नओवर बढ़ता है। इसलिए वैट कलेक्शन के लिए दरों का बढ़ना नैचुरल है।
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