प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हाथ मिलाते सीएम अखिलेश यादव की फाइल फोटो।
लखनऊ. बीते लोकसभा चुनावों में सीएम अखिलेश यादव और नरेंद्र मोदी के बीच काफी जुबानी जंग चली थी। यह अभी भी जारी है। यह अलग बात है कि मोदी देश के प्रधानमंत्री बन गए हैं और अब वह यूपी के बारे में ज्यादा कुछ नहीं बोलते। हालांकि, अखिलेश आज भी कोई भी मौका नहीं छोड़ते हैं। इसके बावजूद वह पीएम को फॉलो करते दिखाई देते हैं। उन्होंने कई ऐसे फैसले लिए हैं जिनमें मोदी की झलक देखने को मिलती है।
दूसरी ओर, मोदी सरकार की कई ऐसे अच्छे फैसले भी हैं जिसे सीएम जानते हुए भी सूबे में लागू नहीं कर पा रहे हैं। फिर भी वे पीएम नरेंद्र मोदी के पद चिन्हों पर चलना नहीं भूल रहे हैं। आम जनता के बीच विकास कार्यों को लेकर अपनी छवि बनाने से पीछे नहीं हट रहे हैं। यही वजह है कि हाल ही में यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्रदेश में सबसे ज्यादा प्रदूषण फ़ैलाने वाली फैक्ट्रियों पर नजर रखने के लिए फैक्ट्रियों में रियल टाइम मॉनिटर इक्विपमेंट लगाने का आदेश दिया है।
मोदी के वह फैसले जिन्हें अखिलेश यादव कर रहे हैं लागू
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान दौरे पर गए। जब वह लौटे तो उससे पहले से ही बहस शुरू हो गई कि उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी का विकास वहां के क्योटो शहर के तर्ज पर होगा। जापान यात्रा पर मोदी के साथ वाराणसी के मेयर भी गए हुए थे। वहां क्योटो की तर्ज पर इस शहर के विकास के लिए अनुबंध भी साइन हुए थे। काशी के विकास का खाका भी मोदी ने तैयार करवा दिया था। इसके लिए केंद्रीय अधिकारियों का एक दल भी यहां आया हुआ था।
सूबे के सीएम अखिलेश यादव को जैसे ही इसका पता चला, उन्होंने आनन-फानन में वाराणसी के डीएम प्रांजल यादव को सैंटियागो भेज दिया। सत्ता के गलियारों में चर्चा है कि जो अखिलेश लोकसभा चुनाव तक वाराणसी के विकास को लेकर चुप्पी साधे बैठे थे। वह अब सैंटियागो की तर्ज पर काशी का विकास करेंगे। ऐसे में उनकी यह फैसला भी चौंकाने वाला है।
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